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चीन ने ली राहत की सांस, जो बाइडन से की अपील- पटरी पर लाएं द्विपक्षीय रिश्ते

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चीन ने बृहस्पतिवार को अमेरिका के नए राष्ट्रपति जो बाइडन को शुभकामनाएं दी और उनसे अपील की है कि वह अपने पूर्ववर्ती डोनाल्ड ट्रंप के दौरान अमेरिका और चीन के बीच बिगडे़ रिश्तों को पटरी पर लेकर आएं। चीनी प्रवक्ता हुआ चुनयिंग ने कहा, पेरिस जलवायु समझौते और विश्व स्वास्थ्य संगठन में अमेरिका को शामिल करने के बाइडन का पहला कदम स्वागतयोग्य है।

 चुनयिंग ने कहा, हमारी अलग-अलग सामाजिक व्यवस्थाएं हैं, विकास के चरण हैं और ऐतिहासिक संस्कृति है। हमारे बीच मतभेद होना स्वाभाविक है। अपने संबोधन में बाइडन ने भी कहा, लोकतंत्र में असहमति और असंतोष का अधिकार होना चाहिए।

बुधवार को ट्रंप प्रशासन के समापन के साथ ही चीन ने बड़ी राहत की सांस ली और उम्मीद जताई कि बीजिंग-वाशिंगटन के रिश्तों में सबसे अधिक तनावपूर्ण समय रहने के बाद अब बर्फ  पिघलेगी।

चीन के सरकारी मीडिया ने कहा कि बाइडन ने अपने पहले भाषण में मुख्य रूप से देश में एकता लाने पर जोर दिया था और ट्रंप के उलट एक बार भी चीन का नाम नहीं लिया। हालांकि, उन्होंने बिगड़े हुए संबंधों को सही करने का भी कोई संकेत नहीं दिया। ट्रंप ने अपने कार्यकाल में अमेरिका-चीन संबंधों के सभी पहलुओं पर आक्रामकता के साथ दबाव बनाकर रखा था।

चीन ने बृहस्पतिवार को अमेरिका के नए राष्ट्रपति जो बाइडन को शुभकामनाएं दी और उनसे अपील की है कि वह अपने पूर्ववर्ती डोनाल्ड ट्रंप के दौरान अमेरिका और चीन के बीच बिगडे़ रिश्तों को पटरी पर लेकर आएं। चीनी प्रवक्ता हुआ चुनयिंग ने कहा, पेरिस जलवायु समझौते और विश्व स्वास्थ्य संगठन में अमेरिका को शामिल करने के बाइडन का पहला कदम स्वागतयोग्य है।

 चुनयिंग ने कहा, हमारी अलग-अलग सामाजिक व्यवस्थाएं हैं, विकास के चरण हैं और ऐतिहासिक संस्कृति है। हमारे बीच मतभेद होना स्वाभाविक है। अपने संबोधन में बाइडन ने भी कहा, लोकतंत्र में असहमति और असंतोष का अधिकार होना चाहिए।

बुधवार को ट्रंप प्रशासन के समापन के साथ ही चीन ने बड़ी राहत की सांस ली और उम्मीद जताई कि बीजिंग-वाशिंगटन के रिश्तों में सबसे अधिक तनावपूर्ण समय रहने के बाद अब बर्फ  पिघलेगी।

चीन के सरकारी मीडिया ने कहा कि बाइडन ने अपने पहले भाषण में मुख्य रूप से देश में एकता लाने पर जोर दिया था और ट्रंप के उलट एक बार भी चीन का नाम नहीं लिया। हालांकि, उन्होंने बिगड़े हुए संबंधों को सही करने का भी कोई संकेत नहीं दिया। ट्रंप ने अपने कार्यकाल में अमेरिका-चीन संबंधों के सभी पहलुओं पर आक्रामकता के साथ दबाव बनाकर रखा था।

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arvind007

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