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चीन की हरकतों के बाद अरुणाचल को सता रही चिंता, केंद्र के सामने रखी ये बड़ी मांग

अरुणाचल प्रदेश के राज्यपाल बी डी मिश्रा
– फोटो : ANI

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अरुणाचल प्रदेश के राज्यपाल ब्रिगेडियर (सेवानिवृत्त) बी डी मिश्रा ने भारत-चीन सीमा से लगे राज्य के इलाकों में आधारभूत ढांचे के विकास के लिए केंद्र से कदम उठाने का शनिवार को आग्रह किया। राज्यपाल ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में शिलांग में आयोजित पूर्वोत्तर परिषद (एनईसी) की 69 वीं पूर्ण बैठक के उद्घाटन दिवस पर कहा कि दुर्गम क्षेत्रों वाले और इस पर्वतीय राज्य के लिए बेहतर सड़क और आधारभूत ढांचा आवश्यक है।

उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों के दौरान केंद्र ने इस दिशा में राज्य की सहायता की है, लेकिन भारत-चीन सीमा से लगे क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे को बेहतर करने के लिए अभी बहुत कुछ किया जाना बाकी है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार तीन जिलों, तिरप, चांगलांग और लोंडिंग तथा नामसाई, रोइंग, महादेवपुर और सुनपुरा के चार पुलिस थाना क्षेत्रों में कानून-व्यवस्था पर पूरा ध्यान दे रही है, जो सशस्त्र बल विशेष अधिकार अधिनियम (आफस्पा) के तहत आते हैं।

राज्यपाल ने कहा कि राज्य को हाल ही में राज्य के सुरक्षा सलाहकार के रूप में प्रतिनियुक्ति पर मेजर जनरल रैंक के एक अधिकारी मिले हैं।उन्होंने कहा कि आंतरिक सुरक्षा और कानून व्यवस्था के लिए सरकार पुलिस बल को मजबूत कर रही है, लेकिन उसे प्रत्येक जिले में ‘अपराध और आपराधियों का पता लगाने का नेटवर्क एवं प्रणाली’ (सीसीटीएन) लगाने के लिए केंद्र की सहायता की आवश्यकता है।

राज्य पुलिस बल का मनोबल, प्रशिक्षण, कार्य कुशलता को बढ़ावा देने के लिए प्रयास जारी हैं। राज्यपाल ने बिजली पावर ग्रिड, पेयजल वितरण प्रणाली को बढ़ाने और उन्नत ‘लैंडिंग ग्राउंड’ (विमान उतारने के लिए हवाईपट्टी) की संख्या बढ़ाने की आवश्यकता पर प्रकाश डाला। उन्होंने अरुणाचल प्रदेश के विकास के लिए आवश्यक मदद जारी रखने का भी शाह से भी अनुरोध किया। शाह एनईसी के अध्यक्ष भी हैं।

अरुणाचल प्रदेश के राज्यपाल ब्रिगेडियर (सेवानिवृत्त) बी डी मिश्रा ने भारत-चीन सीमा से लगे राज्य के इलाकों में आधारभूत ढांचे के विकास के लिए केंद्र से कदम उठाने का शनिवार को आग्रह किया। राज्यपाल ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में शिलांग में आयोजित पूर्वोत्तर परिषद (एनईसी) की 69 वीं पूर्ण बैठक के उद्घाटन दिवस पर कहा कि दुर्गम क्षेत्रों वाले और इस पर्वतीय राज्य के लिए बेहतर सड़क और आधारभूत ढांचा आवश्यक है।

उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों के दौरान केंद्र ने इस दिशा में राज्य की सहायता की है, लेकिन भारत-चीन सीमा से लगे क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे को बेहतर करने के लिए अभी बहुत कुछ किया जाना बाकी है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार तीन जिलों, तिरप, चांगलांग और लोंडिंग तथा नामसाई, रोइंग, महादेवपुर और सुनपुरा के चार पुलिस थाना क्षेत्रों में कानून-व्यवस्था पर पूरा ध्यान दे रही है, जो सशस्त्र बल विशेष अधिकार अधिनियम (आफस्पा) के तहत आते हैं।

राज्यपाल ने कहा कि राज्य को हाल ही में राज्य के सुरक्षा सलाहकार के रूप में प्रतिनियुक्ति पर मेजर जनरल रैंक के एक अधिकारी मिले हैं।उन्होंने कहा कि आंतरिक सुरक्षा और कानून व्यवस्था के लिए सरकार पुलिस बल को मजबूत कर रही है, लेकिन उसे प्रत्येक जिले में ‘अपराध और आपराधियों का पता लगाने का नेटवर्क एवं प्रणाली’ (सीसीटीएन) लगाने के लिए केंद्र की सहायता की आवश्यकता है।

राज्य पुलिस बल का मनोबल, प्रशिक्षण, कार्य कुशलता को बढ़ावा देने के लिए प्रयास जारी हैं। राज्यपाल ने बिजली पावर ग्रिड, पेयजल वितरण प्रणाली को बढ़ाने और उन्नत ‘लैंडिंग ग्राउंड’ (विमान उतारने के लिए हवाईपट्टी) की संख्या बढ़ाने की आवश्यकता पर प्रकाश डाला। उन्होंने अरुणाचल प्रदेश के विकास के लिए आवश्यक मदद जारी रखने का भी शाह से भी अनुरोध किया। शाह एनईसी के अध्यक्ष भी हैं।

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