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गूगल के बाद अमेजन में कर्मचारी यूनियन की दस्तक

डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, वाशिंगटन
Updated Sun, 17 Jan 2021 09:42 PM IST

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गूगल के बाद अब अमेजन कंपनी में यूनियन बनाने की कोशिश एक कदम आगे बढ़ी है। अलाबामा राज्य के अमेजन के वेयरहाउस कर्मचारी अब फरवरी में यूनियन बनाने के मुद्दे पर मतदान करेंगे। नेशनल लेबर बोर्ड ने इसके लिए हरी झंडी दे दी है। गूगल, फेसबुक, अमेजन, उबर जैसी कंपनियों में अब तक यूनियन बनाने का चलन नहीं रहा है। अमेरिका में कई वर्षों से ये बहस चल रही थी कि इन कंपनियों के कर्मचारियों को भी सामूहिक सौदेबाजी में सक्षम बनने का मौका मिलना चाहिए। हाल तक टेक कंपनियां इस कोशिश को रोकने में सफल रही थीं। लेकिन अब माहौल बदल रहा है।

अमेजन उन कंपनियों में है, जिनमें अमेरिका में सबसे ज्यादा संख्या में कर्मचारी काम करते हैं। अमेजन की कुछ यूरोपीय इकाइयों में मजदूर यूनियनें हैं। लेकिन अमेरिका में अब तक ऐसा नहीं हो सका था। इसे रोकने में कंपनी प्रबंधन सफल रहा था। लेकिन अब अलाबामा से यूनियन बनने की शुरुआत हो सकती है। अलाबामा के बेसेमेर शहर में अमेजन के तकरीबन छह हजार कर्मचारी अगले आठ फरवरी को यूनियन बनाने के मुद्दे पर मतदान करेंगे। नेशनल लेबर ब्यूरो बोर्ड 30 मार्च को उन वोटों की गिनती करेगा।

इस मतदान को हरी झंडी देने के ब्यूरो के फैसले को अमेजन के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है। अमेजन से इस बारे में सीएनबीसी चैनल ने प्रतिक्रिया मांगी, लेकिन उसने इस मामले में कुछ कहने से इनकार कर दिया। लेकिन पहले अमेजन ने कहा था कि जिन कर्मचारियों ने यूनियन बनान की मुहिम चलाई है, वे अमेजन के कर्मचारियों के बहुमत की नुमाइंदगी नहीं करते। बेसेमेर के अमेजन कर्मचारियों ने यूनियन बनाने की कोशिश पिछले साल शुरू की थी।

पिछले नवंबर में उन्होंने अमेजन मैनेजमेंट को सूचित किया कि वे यूनियन बनाने के सवाल पर मतदान करने जा रहे हैं। तब ये मामला लेबर ब्यूरो में गया। वहां दिसंबर में कई रोज तक सुनवाई हुई। इसमें कर्मचारियों की जीत हुई। अब अमेजन ने कहा है कि अलाबामा यूनिट में वह वैध और निष्पक्ष मतदान कराने के इंतजाम करेगी। कंपनी ने कहा है कि जो भी इसमें मतदान करना चाहेगा, उसे इसके लिए पूरा अवसर उपलब्ध कराने की कोशिश की जाएगी।

अखबार वॉशिंगटन पोस्ट के मुताबिक, अमेजन ने अलाबामा में यूनियन बनाने की कोशिश के मामले में अपने रुख को प्रचारित करने के लिए एक अलग वेबसाइट बनाई है। इस वेबसाइट पर लिखा कर्मचारियों को संबोधित करते हुए लिखा गया है- हमने आपको ऊंची तनख्वाह, हेल्थ केयर, आंख और दांत के इलाज की सुविधाएं दी हैं। साथ ही सुरक्षा समिति एवं अपील सुनवाई की प्रक्रिया स्थापित की है। यूनियन बनने पर आपको चंदा देना होगा। लेकिन हमने जितनी चीजें दी हैं, उससे ज्यादा आपको कोई लाभ नहीं होगा।

अमेजन में अमेरिका में आखिरी बार यूनियन के सवाल पर मतदान डेलावेयर राज्य में 2014 में हुआ था। तब यूनियन समर्थक पर्याप्त संख्या में वोट हासिल नहीं कर सक थे। लेकिन उसके बाद से अमेजन कंपनी के भीतर मजदूर गतिविधि काफी तेज होती गई है। अमेजन के प्राइम डे और दूसरे मौकों पर कर्मचारियों ने संगठित होकर विरोध जताया है। कोरोना वायरस महामारी के दौरान पूरे देश में जिन हालात में कर्मचारियों को काम करना पड़ा, उसका कई जगहों पर विरोध हुआ था। इसलिए अलाबामा में होने वाले मतदान पर सारे अमेराका की निगाहें टिकी होंगी।

गूगल के बाद अब अमेजन कंपनी में यूनियन बनाने की कोशिश एक कदम आगे बढ़ी है। अलाबामा राज्य के अमेजन के वेयरहाउस कर्मचारी अब फरवरी में यूनियन बनाने के मुद्दे पर मतदान करेंगे। नेशनल लेबर बोर्ड ने इसके लिए हरी झंडी दे दी है। गूगल, फेसबुक, अमेजन, उबर जैसी कंपनियों में अब तक यूनियन बनाने का चलन नहीं रहा है। अमेरिका में कई वर्षों से ये बहस चल रही थी कि इन कंपनियों के कर्मचारियों को भी सामूहिक सौदेबाजी में सक्षम बनने का मौका मिलना चाहिए। हाल तक टेक कंपनियां इस कोशिश को रोकने में सफल रही थीं। लेकिन अब माहौल बदल रहा है।

अमेजन उन कंपनियों में है, जिनमें अमेरिका में सबसे ज्यादा संख्या में कर्मचारी काम करते हैं। अमेजन की कुछ यूरोपीय इकाइयों में मजदूर यूनियनें हैं। लेकिन अमेरिका में अब तक ऐसा नहीं हो सका था। इसे रोकने में कंपनी प्रबंधन सफल रहा था। लेकिन अब अलाबामा से यूनियन बनने की शुरुआत हो सकती है। अलाबामा के बेसेमेर शहर में अमेजन के तकरीबन छह हजार कर्मचारी अगले आठ फरवरी को यूनियन बनाने के मुद्दे पर मतदान करेंगे। नेशनल लेबर ब्यूरो बोर्ड 30 मार्च को उन वोटों की गिनती करेगा।

इस मतदान को हरी झंडी देने के ब्यूरो के फैसले को अमेजन के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है। अमेजन से इस बारे में सीएनबीसी चैनल ने प्रतिक्रिया मांगी, लेकिन उसने इस मामले में कुछ कहने से इनकार कर दिया। लेकिन पहले अमेजन ने कहा था कि जिन कर्मचारियों ने यूनियन बनान की मुहिम चलाई है, वे अमेजन के कर्मचारियों के बहुमत की नुमाइंदगी नहीं करते। बेसेमेर के अमेजन कर्मचारियों ने यूनियन बनाने की कोशिश पिछले साल शुरू की थी।

पिछले नवंबर में उन्होंने अमेजन मैनेजमेंट को सूचित किया कि वे यूनियन बनाने के सवाल पर मतदान करने जा रहे हैं। तब ये मामला लेबर ब्यूरो में गया। वहां दिसंबर में कई रोज तक सुनवाई हुई। इसमें कर्मचारियों की जीत हुई। अब अमेजन ने कहा है कि अलाबामा यूनिट में वह वैध और निष्पक्ष मतदान कराने के इंतजाम करेगी। कंपनी ने कहा है कि जो भी इसमें मतदान करना चाहेगा, उसे इसके लिए पूरा अवसर उपलब्ध कराने की कोशिश की जाएगी।

अखबार वॉशिंगटन पोस्ट के मुताबिक, अमेजन ने अलाबामा में यूनियन बनाने की कोशिश के मामले में अपने रुख को प्रचारित करने के लिए एक अलग वेबसाइट बनाई है। इस वेबसाइट पर लिखा कर्मचारियों को संबोधित करते हुए लिखा गया है- हमने आपको ऊंची तनख्वाह, हेल्थ केयर, आंख और दांत के इलाज की सुविधाएं दी हैं। साथ ही सुरक्षा समिति एवं अपील सुनवाई की प्रक्रिया स्थापित की है। यूनियन बनने पर आपको चंदा देना होगा। लेकिन हमने जितनी चीजें दी हैं, उससे ज्यादा आपको कोई लाभ नहीं होगा।

अमेजन में अमेरिका में आखिरी बार यूनियन के सवाल पर मतदान डेलावेयर राज्य में 2014 में हुआ था। तब यूनियन समर्थक पर्याप्त संख्या में वोट हासिल नहीं कर सक थे। लेकिन उसके बाद से अमेजन कंपनी के भीतर मजदूर गतिविधि काफी तेज होती गई है। अमेजन के प्राइम डे और दूसरे मौकों पर कर्मचारियों ने संगठित होकर विरोध जताया है। कोरोना वायरस महामारी के दौरान पूरे देश में जिन हालात में कर्मचारियों को काम करना पड़ा, उसका कई जगहों पर विरोध हुआ था। इसलिए अलाबामा में होने वाले मतदान पर सारे अमेराका की निगाहें टिकी होंगी।


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