Haryana

गुरुग्राम स्कूल हत्याकांड : कंडक्टर को झूठा फंसाने के मामले में चार पुलिस अधिकारियों पर चार्जशीट दाखिल

योगेंद्र त्रिपाठी, अमर उजाला, पंचकूला
Updated Fri, 08 Jan 2021 03:24 PM IST

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हरियाणा के गुरुग्राम में सात साल के बच्चे की हत्या के बस ठेकेदार और आरोपी कंडक्टर अशोक को झूठा फंसाने के मामले में सीबीआई की विशेष अदालत में चार्जशीट दायर की गई है। इसमें 80 पेज का आरोप पत्र दायर किया गया है। इस मामले में अगली सुनवाई 15 जनवरी को होगी।
 
इसमें सहायक पुलिस आयुक्त बीरम सिंह, भोंडसी पुलिस स्टेशन के तत्कालीन स्टेशन नरेंद्र खटाना, सब इंस्पेक्टर शमशेर सिंह, एएसआई सुभाष चंद पर चार्जशीट दायर कर झूठे केस में फंसाने की धाराओं का आरोपी बनाया गया है।

यह भी पढ़ें – अदालत के आदेश का पालन संभव न हो तो नहीं बनता अवमानना का मामला 

इसमें अशोक के वकील ने आरोप लगाया था कि पुलिस ने अशोक को मारपीट और करंट के झटके देकर जबरदस्ती जुर्म कबूल करवाया गया था। उस पर मीडिया के सामने जुर्म कबूल करने का दबाव बनाया गया। आठ सितंबर 2017 को स्कूल में सात सात के बच्चे की चाकू से गला काटकर हत्या कर दी गई थी। इस घिनौनी वारदात ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया था। 

वकील ने बताया कि भोंडसी के एक निजी स्कूल के सात वर्षीय छात्र की हत्या में बस कंडक्टर अशोक प्रारंभिक संदिग्ध था। पुलिस ने राजेश पर  सेक्सुअल हैरासमेंट कर बच्चे की हत्या का आरोप लगाया था। अशोक को आठ सितंबर 2017 को गिरफ्तार किया गया था लेकिन 28 फरवरी 2018 को विशेष अदालत ने सुनवाई के दौरान बरी कर दिया था। सीबीआई कोर्ट ने चार्जशीट दायर करते हुए वकील ने चारों पुलिस के अधिकारी और कर्मचारी पर आरोप लगाए हैं कि अशोक कुमार को झूठा फंसाया गया है। उसे जबरदस्ती पुलिस ने करंट लगाकर उससे यौन उत्पीड़न और हत्या के लिए मजबूर किया था।  

यह भी पढ़ें – डाइट में जेबीटी प्रवेश बंद करने पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार से मांगा जवाब 

अशोक कुमार ने आरोप लगाया कि पुलिस ने बच्चे की हत्या स्वीकार करने के लिए दबाव बनाया। उसे पानी में डुबोने के साथ उल्टा लटकाकर पीटा गया। उस पर दबाव बनाकर मीडिया के सामने अपना जुर्म स्वीकार करने के लिए कहा गया है। उसके खिलाफ बिना जांच किए पुलिस ने बयान दर्ज कराए थे। उसे अपने परिवार और जनता के सामने अपमानित किया गया। इस अपमान के कारण अशोक कुमार की नींद हराम हो गई। वह अपना आत्म सम्मान और प्रतिष्ठा पाने की कोशिश कर रहा है। 

हत्या मामले में नाबालिग आरोपी की जमानत के लिए उसके परिजनों ने कई बार जमानत याचिका दायर की है। उसे एग्जाम देने के लिए 21 जनवरी से 15 फरवरी के बीच जमानत देने की मांग की गई है। बच्चे की हत्या के आरोपी किशोर के पिता ने जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड में आवेदन दायर कर बच्चे को एग्जाम देने के लिए अंतरिम जमानत की मांग की है। उन्होंने कहा कि परीक्षा केंद्र नूंह में है। इसलिए अंतरिम जमानत मिलनी चाहिए।

हरियाणा के गुरुग्राम में सात साल के बच्चे की हत्या के बस ठेकेदार और आरोपी कंडक्टर अशोक को झूठा फंसाने के मामले में सीबीआई की विशेष अदालत में चार्जशीट दायर की गई है। इसमें 80 पेज का आरोप पत्र दायर किया गया है। इस मामले में अगली सुनवाई 15 जनवरी को होगी।

 

इसमें सहायक पुलिस आयुक्त बीरम सिंह, भोंडसी पुलिस स्टेशन के तत्कालीन स्टेशन नरेंद्र खटाना, सब इंस्पेक्टर शमशेर सिंह, एएसआई सुभाष चंद पर चार्जशीट दायर कर झूठे केस में फंसाने की धाराओं का आरोपी बनाया गया है।

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इसमें अशोक के वकील ने आरोप लगाया था कि पुलिस ने अशोक को मारपीट और करंट के झटके देकर जबरदस्ती जुर्म कबूल करवाया गया था। उस पर मीडिया के सामने जुर्म कबूल करने का दबाव बनाया गया। आठ सितंबर 2017 को स्कूल में सात सात के बच्चे की चाकू से गला काटकर हत्या कर दी गई थी। इस घिनौनी वारदात ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया था। 

वकील ने बताया कि भोंडसी के एक निजी स्कूल के सात वर्षीय छात्र की हत्या में बस कंडक्टर अशोक प्रारंभिक संदिग्ध था। पुलिस ने राजेश पर  सेक्सुअल हैरासमेंट कर बच्चे की हत्या का आरोप लगाया था। अशोक को आठ सितंबर 2017 को गिरफ्तार किया गया था लेकिन 28 फरवरी 2018 को विशेष अदालत ने सुनवाई के दौरान बरी कर दिया था। सीबीआई कोर्ट ने चार्जशीट दायर करते हुए वकील ने चारों पुलिस के अधिकारी और कर्मचारी पर आरोप लगाए हैं कि अशोक कुमार को झूठा फंसाया गया है। उसे जबरदस्ती पुलिस ने करंट लगाकर उससे यौन उत्पीड़न और हत्या के लिए मजबूर किया था।  

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अशोक कुमार ने आरोप लगाया कि पुलिस ने बच्चे की हत्या स्वीकार करने के लिए दबाव बनाया। उसे पानी में डुबोने के साथ उल्टा लटकाकर पीटा गया। उस पर दबाव बनाकर मीडिया के सामने अपना जुर्म स्वीकार करने के लिए कहा गया है। उसके खिलाफ बिना जांच किए पुलिस ने बयान दर्ज कराए थे। उसे अपने परिवार और जनता के सामने अपमानित किया गया। इस अपमान के कारण अशोक कुमार की नींद हराम हो गई। वह अपना आत्म सम्मान और प्रतिष्ठा पाने की कोशिश कर रहा है। 

हत्या मामले में नाबालिग आरोपी की जमानत के लिए उसके परिजनों ने कई बार जमानत याचिका दायर की है। उसे एग्जाम देने के लिए 21 जनवरी से 15 फरवरी के बीच जमानत देने की मांग की गई है। बच्चे की हत्या के आरोपी किशोर के पिता ने जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड में आवेदन दायर कर बच्चे को एग्जाम देने के लिए अंतरिम जमानत की मांग की है। उन्होंने कहा कि परीक्षा केंद्र नूंह में है। इसलिए अंतरिम जमानत मिलनी चाहिए।


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