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गंगा में डुबकी लगाकर क्या कांग्रेस की नैया पार लगा पाएंगी प्रियंका गांधी?

प्रयागराज में प्रियंका गांधी
– फोटो : Amar Ujala

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प्रियंका गांधी ने गुरुवार को मौनी अमावस्या के दिन प्रयागराज में गंगा नदी में स्नान किया। इस अवसर पर उन्होंने जगतगुरु शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती से आशीर्वाद भी प्राप्त किया। इसके एक दिन पहले वे सहारनपुर में थीं और वहां उन्होंने शाकुंभरी देवी के दर्शन किए। सहारनपुर में प्रियंका गांधी की सभा के मंच पर प्रमुख अखाड़ों के संत भी उपस्थित थे। प्रियंका ने उनसे भी आशीर्वाद लिया। कांग्रेस लगातार प्रियंका गांधी को हिंदूवादी छवि के तौर पर जनता के सामने पेश कर रही है।

लेकिन बड़ा सवाल यह है कि क्या इस छवि के सहारे वे 2024 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मजबूत टक्कर दे पाएंगी? दरअसल पिछले कई चुनावों से जिस तरह भाजपा हिंदुत्व की राजनीति को धार देकर कांग्रेस को हिंदू विरोधी बताकर हिंदुओं को अपने पक्ष में गोलबंदी करती रही है। अब 2022 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने प्रियंका गांधी को राज्य की जिम्मेदारी दी है जहां पार्टी का मुकाबला उस भाजपा से है जिसका नेतृत्व राज्य में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कर रहे हैं जो गोरक्ष पीठाधीश्वर होने के साथ-साथ कट्टर हिंदुत्ववादी भी हैं।

प्रियंका ने इसी हिंदू कार्ड को ध्यान में रखकर कल्कि पीठाधीश्वर आचार्य प्रमोद कृष्णम को आगे किया है। प्रियंका की हिंदू छवि निखारने के लिए आचार्य प्रमोद कृष्णम लगातार हिंदुओं में यह संदेश दे रहे हैं कि कांग्रेस और प्रियंका उतने ही हिंदू हैं जितने कि भाजपा वाले या कोई और। इसी कड़ी में उत्तर प्रदेश में ब्राह्रणों को कांग्रेस के साथ फिर से जोड़ने के लिए ब्राह्मण मुख्यमंत्री का नारा बुलंद किया जा रहा है। हाथरस कांड के समय दिल्ली के वाल्मीकि मंदिर में जाकर प्रियंका ने रामधुन गाई। कुल मिलाकर प्रियंका गांधी की हिंदूवादी राजनीति को धार देने की लगाततार कोशिश हो रही है।

प्रियंका गांधी को हिंदूवादी छवि में पेश कर कांग्रेस क्या संदेश देना चाहती है? यह सवाल पूछने पर प्रियंका गांधी के प्रमुख सलाहकार कल्कि पीठाधीश्वर आचार्य प्रमोद कृष्णम ने अमर उजाला से कहा कि भाजपा ने पूरी साजिश के तहत कांग्रेस को एक हिंदू विरोधी पार्टी के तौर पर जनता के सामने पेश करना शुरू कर दिया। इससे कुछ लोगों के मन में भ्रम पैदा हो गया। जबकि इस देश ने देखा है कि पंडित जवाहरलाल नेहरू से लेकर इंदिरा गांधी, राजीव गांधी, सोनिया गांधी, राहुल गांधी हमेशा हिंदू देवी-देवताओं के दर्शन करते रहे हैं। उन्होंने हिंदू धर्माचार्यों से आशीर्वाद भी प्राप्त किया है।

आचार्य प्रमोद कृष्णम के मुताबिक प्रियंका गांधी का गंगा स्नान करना उनकी व्यक्तिगत श्रद्धा का प्रश्न है और इसे किसी अन्य तरीके से नहीं देखा जाना चाहिए। लेकिन उनका व्यक्तिगत मानना है कि भाजपा के दुष्प्रचार को खत्म करने के लिए प्रियंका का इस तरह जनता के सामने आना बेहद जरूरी है। इससे भाजपा के दुष्प्रचार से निपटने में मदद मिलेगी।

भगवा के खिलाफ बोला तो खड़े हुए कृष्णम

कांग्रेस की हिंदूवादी छवि के लिए कांग्रेस पार्टी कितनी चिंतित है, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि जब सहारनपुर की सभा में मंच से इमरान प्रतापगढ़ी ने अपने संबोधन में भगवा के विरुद्ध कुछ कहना चाहा, तो पार्टी के ही एक नेता आचार्य प्रमोद कृष्णम ने इसका विरोध कर दिया। अपने संबोधन के दौरान आचार्य कृष्णम ने यह साफ करने की कोशिश की कि भगवा रंग हिंदू जनमानस में रचा-बसा हुआ है और इस पर किसी राजनीतिक दल का अधिकार नहीं है। उन्होंने कहा कि भगवा रंग हर हिंदू का है, यह त्याग और बलिदान का प्रतीक है और कांग्रेस इसका पूर्ण सम्मान करती है।

सबको साथ लेकर चलने का संकेत भी

पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कांग्रेस नेता अभिमन्यु त्यागी ने कहा कि कांग्रेस की नीति हमेशा समाज के हर वर्ग को साथ लेकर चलने की रही है। अगर प्रियंका गांधी ने अपने सहारनपुर के दौरे पर मां शाकुंभरी देवी के दर्शन किए हैं तो साथ में इसी दौरे में वे एक दरगाह पर भी गई हैं। यह संदेश साफ कहता है कि कांग्रेस सभी को साथ लेकर चलने की अपनी नीति से अलग नहीं हटने जा रही है।

कुंभ में एक लाख संत कर सकते हैं कांग्रेस का समर्थन

मामला केवल प्रियंका गांधी के हिंदूवादी छवि में सामने आने तक सीमित नहीं है। कांग्रेस पूरा प्रयास कर रही है कि उसकी छवि एक हिंदूवादी पार्टी के रूप में भी सामने आए। यही कारण है कि पार्टी नेताओं का एक खेमा लगातार हिंदू धर्माचार्यों से संपर्क कर पार्टी के लिए उनका समर्थन जुटाने की कोशिश कर रहा है।

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार इस कोशिश का यह परिणाम हुआ है कि हरिद्वार कुंभ मेले के दौरान एक लाख संत कांग्रेस के पक्ष में अपने समर्थन का एलान कर सकते हैं। अगर ऐसा होता है तो कुंभ और धर्माचार्यों के प्रति अगाध श्रद्धा रखने वाली हिंदू जनता पर इसका एक बड़ा असर हो सकता है। पार्टी इस रणनीति को सफल बनाने के लिए जुट गई है।

क्या गंगा नहाकर हिंदू जनमानस को साध सकेंगी प्रियंका

भाजपा नेता प्रेम शुक्ला कहते हैं कि गंगा स्नान करने के लिए सबसे प्रमुख चीज श्रद्धा की होती है। जनता यह अवश्य समझने का प्रयास करेगी कि क्या कांग्रेस और गांधी परिवार में सनातन धर्म और इसके मूल्यों के प्रति कोई श्रद्धा है? उन्होंने कहा कि इसी जनता ने देखा है कि चुनाव पूर्व सोनिया गांधी ने दुर्गा मंदिरों के दर्शन करना शुरू कर दिया था और सत्ता में आते ही कांग्रेस के अनेक नेताओं ने भगवान राम के अस्तित्व पर सवाल खड़े करना शुरू कर दिया था। उनका मानना है कि आज की जनता बेहद समझदार है और कांग्रेस की यह कोशिश कभी कामयाब नहीं होगी।

सार

कांग्रेस ने बेहद सोची-समझी रणनीति के अनुसार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की हिंदूवादी छवि के सामने प्रियंका गांधी को इस रूप में मैदान में उतारा है…

विस्तार

प्रियंका गांधी ने गुरुवार को मौनी अमावस्या के दिन प्रयागराज में गंगा नदी में स्नान किया। इस अवसर पर उन्होंने जगतगुरु शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती से आशीर्वाद भी प्राप्त किया। इसके एक दिन पहले वे सहारनपुर में थीं और वहां उन्होंने शाकुंभरी देवी के दर्शन किए। सहारनपुर में प्रियंका गांधी की सभा के मंच पर प्रमुख अखाड़ों के संत भी उपस्थित थे। प्रियंका ने उनसे भी आशीर्वाद लिया। कांग्रेस लगातार प्रियंका गांधी को हिंदूवादी छवि के तौर पर जनता के सामने पेश कर रही है।

लेकिन बड़ा सवाल यह है कि क्या इस छवि के सहारे वे 2024 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मजबूत टक्कर दे पाएंगी? दरअसल पिछले कई चुनावों से जिस तरह भाजपा हिंदुत्व की राजनीति को धार देकर कांग्रेस को हिंदू विरोधी बताकर हिंदुओं को अपने पक्ष में गोलबंदी करती रही है। अब 2022 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने प्रियंका गांधी को राज्य की जिम्मेदारी दी है जहां पार्टी का मुकाबला उस भाजपा से है जिसका नेतृत्व राज्य में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कर रहे हैं जो गोरक्ष पीठाधीश्वर होने के साथ-साथ कट्टर हिंदुत्ववादी भी हैं।

प्रियंका ने इसी हिंदू कार्ड को ध्यान में रखकर कल्कि पीठाधीश्वर आचार्य प्रमोद कृष्णम को आगे किया है। प्रियंका की हिंदू छवि निखारने के लिए आचार्य प्रमोद कृष्णम लगातार हिंदुओं में यह संदेश दे रहे हैं कि कांग्रेस और प्रियंका उतने ही हिंदू हैं जितने कि भाजपा वाले या कोई और। इसी कड़ी में उत्तर प्रदेश में ब्राह्रणों को कांग्रेस के साथ फिर से जोड़ने के लिए ब्राह्मण मुख्यमंत्री का नारा बुलंद किया जा रहा है। हाथरस कांड के समय दिल्ली के वाल्मीकि मंदिर में जाकर प्रियंका ने रामधुन गाई। कुल मिलाकर प्रियंका गांधी की हिंदूवादी राजनीति को धार देने की लगाततार कोशिश हो रही है।

प्रियंका गांधी को हिंदूवादी छवि में पेश कर कांग्रेस क्या संदेश देना चाहती है? यह सवाल पूछने पर प्रियंका गांधी के प्रमुख सलाहकार कल्कि पीठाधीश्वर आचार्य प्रमोद कृष्णम ने अमर उजाला से कहा कि भाजपा ने पूरी साजिश के तहत कांग्रेस को एक हिंदू विरोधी पार्टी के तौर पर जनता के सामने पेश करना शुरू कर दिया। इससे कुछ लोगों के मन में भ्रम पैदा हो गया। जबकि इस देश ने देखा है कि पंडित जवाहरलाल नेहरू से लेकर इंदिरा गांधी, राजीव गांधी, सोनिया गांधी, राहुल गांधी हमेशा हिंदू देवी-देवताओं के दर्शन करते रहे हैं। उन्होंने हिंदू धर्माचार्यों से आशीर्वाद भी प्राप्त किया है।

आचार्य प्रमोद कृष्णम के मुताबिक प्रियंका गांधी का गंगा स्नान करना उनकी व्यक्तिगत श्रद्धा का प्रश्न है और इसे किसी अन्य तरीके से नहीं देखा जाना चाहिए। लेकिन उनका व्यक्तिगत मानना है कि भाजपा के दुष्प्रचार को खत्म करने के लिए प्रियंका का इस तरह जनता के सामने आना बेहद जरूरी है। इससे भाजपा के दुष्प्रचार से निपटने में मदद मिलेगी।

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arvind007

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