Uttar Pradesh

गंगा किनारे सभी गांवों में शुरू कराई जाए आरती : भागवत

prayagraj news : गंगा समग्र कार्यक्रम में हिस्सा लेते मोहन भागवत।
– फोटो : prayagraj

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संघ प्रमुख मोहन भागवत ने शनिवार को गंगा के निर्मली करण के लिए भगीरथ जैसे प्रयास करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि इसके लिए समाज के लोगों को भी जगाना होगा। अगर समाज जाग गया तो समझो आधा काम हो गया। लोगों में भक्तिभाव आए इसके लिए गोमुख से गंगासागर तक जितने भी गंगा किनारे गांव हैं वहां नियमित रूप से आरती होनी चाहिए। गंगा के प्रति भक्ति भावना आने से वहां लोग आसपास का वातावरण स्वच्छ रखने में भी पूरा सहयोग करेंगे।

इसलिए गंगा किनारे के गांवों में आरती अनिवार्य रूप से करवाई जाए। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डा मोहन भागवत  ने यह आह्वान गंगा समग्र के पहले कार्यकर्ता संगम में शनिवार को किया।  परेड मैदान  स्थित विश्व हिंदू परिषद के शिविर में आयोजित छह प्रांतों से आए कार्यकर्ताओं को वह संबोधित कर रहे थे। इसमें  गंगा के व्यापक निर्मली करण एवं उससे संबंधित विस्तृत कार्य योजना तैयार की गई। मोहन भागवत ने कहा कि गंगा निर्मल और अविरल होकर रहेंगी। अपने 45 मिनट के उद्बोधन में संघ प्रमुख ने कहा कि जिस तरह अयोध्या में राम मंदिर बनने को लेकर यह नहीं स्पष्ट था कि वह कब बनेगा, लेकिन मन में निश्चय था कि यह काम होकर रहेगा।

इसी तरह गंगा के  निर्मली करण के लिए हमें  लगातार लगे रहना होगा। सरसंघचालक ने कहा कि गंगा भारत के संस्कृति की जीवन रेखा है। इसे हर हाल में बचाना होगा। इस धरती पर जो प्रयास भागीरथ को गंगा जी को लाने के लिए करना पड़ा था वही प्रयास कार्यकर्ताओं को गंगा एवं उससे जुड़ी नदियों को बचाने के लिए करना होगा । इस कठिन काम को आसान करने का मूल मंत्र बताते हुए उन्होंने कहा कि जन जागरण से यह काम संभव हो पाएगा।

संघ प्रमुख का विज्ञान और अध्यात्म के प्रयोग पर बल

पूर्व केंद्रीय मंत्री उमा भारती, गंगा समग्र के केंद्रीय महामंत्री डॉ आशीष गौतम और केंद्रीय अध्यक्ष वीरेंद्र जायसवाल की मौजूदगी में संघ प्रमुख ने कहा कि निर्मल गंगा अविरल गंगा अभियान को आगे बढ़ाने के लिए विकास और पर्यावरण दोनों का समान रूप से ध्यान रखना होगा। इन  दोनों मे संतुलन बनाने की जरूरत है। इसके लिए उन्होंने विज्ञान और अध्यात्म दोनों  के प्रयोग पर बल दिया। इस काम में लगे सभी कार्यकर्ताओं को नदियों के जल प्रबंधन तथा जल संरक्षण का पूरा ज्ञान होना चाहिए। इस काम के लिए उन्होंने  संतों का आशीर्वाद प्राप्त करने का भी कार्यकर्ताओं से आग्रह किया।

संघ प्रमुख मोहन भागवत ने शनिवार को गंगा के निर्मली करण के लिए भगीरथ जैसे प्रयास करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि इसके लिए समाज के लोगों को भी जगाना होगा। अगर समाज जाग गया तो समझो आधा काम हो गया। लोगों में भक्तिभाव आए इसके लिए गोमुख से गंगासागर तक जितने भी गंगा किनारे गांव हैं वहां नियमित रूप से आरती होनी चाहिए। गंगा के प्रति भक्ति भावना आने से वहां लोग आसपास का वातावरण स्वच्छ रखने में भी पूरा सहयोग करेंगे।

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arvind007

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