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खगोलविदों ने खोजा सौरमंडल में सबसे दूर पाया जाने वाला पिंड, जानें ‘फारफारआउट’ क्यों है खास

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अंतरिक्ष की दुनिया में खगोलविदों ने एक और बड़ी कामयाबी हासिल कर ली है। हाल ही में खगोलविदों के एक समूह ने एक ऐसे पिंड की खोज की है, जो हमारे सौरमंडल में सबसे दूर का पिंड है। इस खगोलीय पिंड का नाम खगोलविदों ने ‘फारफारआउट’ (Farfarout) रखा है।
 फारफारआउट सूर्य और प्लूटो के बीच की दूरी से चार गुना अधिक दूर है। इसके अनुसार सूर्य की परिक्रमा पूरी करने में इसे 1000 साल का समय लगता है। वैज्ञानिकों ने दो साल के अध्ययन के बाद इसकी पुष्टि की है। वैज्ञानिकों के अनुसार, सौर मंडल में खोजी गई यह वस्तु पृथ्वी और सूर्य के बीच की दूरी की तुलना में 132 गुना अधिक है।

इतना छोटा है कि आसानी से नहीं आएगा नजर 
सौरमंडल में सबसे दूर पाया जाने वाला पिंड फारफारआउट इतना छोटा है कि यह आसानी से नजर नहीं आएगा। अनुमान के अनुसार, इसका व्यास करीब 400 किलोमीटर के करीब है। यह बौने आकाशीय पिंड प्लूटो की श्रेणी में आता है। वैज्ञानिकों का कहना है कि आने वाले समय में इस पिंड के अध्ययन से और चौंकाने वाले रहस्य सामने आ सकते हैं।
इसे समझने लगेगा अभी और वक्त 
वैज्ञानिकों के अनुसार, सौरमंडल में सबसे दूर पाए जाने वाले पिंड को पूरी तरह समझने में काफी लंबा वक्त लगेगा। इसके बाद ही इसे स्थायी नाम दिया जा सकेगा। वैज्ञानिकों के अनुसार, इस प्रक्रिया में काफी लंबा वक्त इसलिए लगेगा क्योंकि इसके चलने की गति बहुत धीमी है। बता दें कि सौरमंडल में मिले इस नए पिंड को समझने के लिए वैज्ञानिकों की एक पूरी टीम इस पर काम करने में जुटी है। 

खगोलविदों की एक टीम में हवाई यूनिवर्सिटी, कारनेगी इंस्टीट्यूशन फॉर साइंस और नोर्दर्न ऐरिजोना यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिक शामिल थे। वे सालों से हमारे सौरमंडल के बाहर और प्लूटो के आगे के क्षेत्रों का पर्यवेक्षण कर रहे थे। उन्होंने 2018 में सौरमंडल के दूरस्थ छोटे ग्रह फारआउट की खोज भी की थी, जो उस समय का सौरमंडल का सबसे दूर का पिंड का था।फारफारआउट से पहले सौरमंडल का सबसे दूरस्थ पिंड ‘फारआउट’ को माना जाता था। फारआउट पृथ्वी-सूरज के बीच फासले से 128 गुना दूरी पर मौजूद है इन दोनों पिंडो की खोज एक ही वैज्ञानिक की टीम ने की है। वैज्ञानिक इस पिंड की तह तक जाने के लिए अध्ययन में जुट गए हैं।

तीन साल पुराना रिकॉर्ड टूटा
फारआउट का यह रिकॉर्ड अब फारफारआउट ने तोड़ दिया है। यूनिवर्सिटी ऑफ हवाई ने अपनी ओर से जारी किए बयान में बताया कि फारफारआउट साल 2018 में भी अवलोकित किया गया था, लेकिन शोधकर्ता केवल अभी उसकी कक्षा के बारे में बता सके हैं और अब ही उसकी दूरी का आंकलन कर पाए हैं। 

सार

  • पृथ्वी-सूरज के बीच फासले से 132 गुना दूरी पर मौजूद
  • सूर्य की परिक्रमा पूरी करने में 1000 साल का समय लगता

विस्तार

अंतरिक्ष की दुनिया में खगोलविदों ने एक और बड़ी कामयाबी हासिल कर ली है। हाल ही में खगोलविदों के एक समूह ने एक ऐसे पिंड की खोज की है, जो हमारे सौरमंडल में सबसे दूर का पिंड है। इस खगोलीय पिंड का नाम खगोलविदों ने ‘फारफारआउट’ (Farfarout) रखा है।

 फारफारआउट सूर्य और प्लूटो के बीच की दूरी से चार गुना अधिक दूर है। इसके अनुसार सूर्य की परिक्रमा पूरी करने में इसे 1000 साल का समय लगता है। वैज्ञानिकों ने दो साल के अध्ययन के बाद इसकी पुष्टि की है। वैज्ञानिकों के अनुसार, सौर मंडल में खोजी गई यह वस्तु पृथ्वी और सूर्य के बीच की दूरी की तुलना में 132 गुना अधिक है।

इतना छोटा है कि आसानी से नहीं आएगा नजर 

सौरमंडल में सबसे दूर पाया जाने वाला पिंड फारफारआउट इतना छोटा है कि यह आसानी से नजर नहीं आएगा। अनुमान के अनुसार, इसका व्यास करीब 400 किलोमीटर के करीब है। यह बौने आकाशीय पिंड प्लूटो की श्रेणी में आता है। वैज्ञानिकों का कहना है कि आने वाले समय में इस पिंड के अध्ययन से और चौंकाने वाले रहस्य सामने आ सकते हैं।

इसे समझने लगेगा अभी और वक्त 

वैज्ञानिकों के अनुसार, सौरमंडल में सबसे दूर पाए जाने वाले पिंड को पूरी तरह समझने में काफी लंबा वक्त लगेगा। इसके बाद ही इसे स्थायी नाम दिया जा सकेगा। वैज्ञानिकों के अनुसार, इस प्रक्रिया में काफी लंबा वक्त इसलिए लगेगा क्योंकि इसके चलने की गति बहुत धीमी है। बता दें कि सौरमंडल में मिले इस नए पिंड को समझने के लिए वैज्ञानिकों की एक पूरी टीम इस पर काम करने में जुटी है। 


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तीन साल पहले ही खोजा गया था ऐसा पिंड

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arvind007

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