Uttar Pradesh

कोविड संक्रमण के बीच मकर संक्रांति स्नान 14 जनवरी को, पांच सेक्टर में छह हजार फीट में बनाए गए हैं घाट

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संगम क्षेत्र में मकर संक्रांति का स्नान बृहस्पतिवार को भोर में ही शुरू हो जाएगा। इसी के साथ मेले का भी आगाज होगा। प्रशासन की ओर से सभी तैयारियां पूरी होने के दावे किए जा रहे हैं लेकिन कोविड संक्रमण को लेकर जारी गाइडलाइन का पालन सुनिश्चित कराने की चुनौती होगी। प्रशासन को पहले स्नान पर्व पर ही 80 लाख स्नानार्थियों के आने के उम्मीद है। ऐसे में यह चुनौती और बढ़ गई है।

स्नान सभी पांच सेक्टर में होंगे। इसके लिए गंगा के किनारे करीब छह हजार फीट तक घाट बनाए जाने की बात कही जा रही है लेकिन स्थिति इसके उलट है। सेक्टर तीन में खाक चौक के पास घाट नहीं बना है। झूंसी, अरैल की तरफ भी त्रिवेणी मार्ग पर देर शाम तक घाट बन रहे थे। ऐसे में संगम नोज पर भीड़ बढने की उम्मीद है।

हालांकि राहत की बात इतनी जरूर है कि संगम नोज पर सर्कुलेटिंग एरिया बढ़ाया गया है। मेला में श्रद्धालुओं को रुकने की अनुमति नहीं होगी। कोविड संक्रमण के खतरे को देखते हुए कई अन्य इंतजाम भी किए गए हैं। इसके बावजूत  अंदेशा बना हुआ है। इस बार श्रद्धालुओं की घाट पर स्नान के बाद अपने स्थान तक पहुंचने में भी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। घाट के किनारे लगे बिजली के पोल पर नंबर नहीं लगाए गए हैं। इसके अलावा मोबाइल टॉवर भी नहीं है। इससे परेशानी और बढ़ सकती है। इसके अलावा अभी तक निर्धारित संख्या में शौचालयों का भी निर्माण नहीं हुआ है।

मेला क्षेत्र से बाहर 14 स्थानों पर रुक सकेंगे श्रद्धालु

स्नान पर्वों पर स्टेशन पर भीड़ बढने की स्थिति में शहर में 14 जगहों पर स्नानार्थियों के ठहरने की व्यवस्था की गई है। हालांकि इन स्थलों पर स्नानार्थियों को कुछ अवधि के लिए ही ठहरने की सुविधा होगी। प्रयागराज जंक्शन से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए खुशरोबाग, एंग्लो बंगाली इंटर कालेज, बिशप जानसन स्कूल एंड कालेज, सीएवी इंटर कालेज, राजकीय बालिका इंटर कालेज, सेंट जोसेफ स्कूल एंड कालेज तथा चंद्रशेखर आजाद पार्क में होल्डिंग स्थल बनाए गए हैं। प्रयाग रेलवे स्टेशन के यात्रियों के लिए एनी बेसेंट इंटर कालेज, होली ट्रिनटी स्कूल, आईईआरटी कालेज तथा नार्मलल स्कूल को होल्डिंग स्थल घोषित किया गया है। रामबाग स्टेशन के लिए सेवा समिति इंटर कालेज, क्रासवेट इंटर कालेज तथा राजकीय इंटर कालेज में ठहरने की व्यवस्था की गई है। इसके लिए इन स्थलों का अधिग्रहण किया जा चुका है।

20 तक प्राप्त कर लें सुविधा पर्ची

मेला क्षेत्र में साधु-संतों, संस्थाओं आदि को सुविधा पर्ची का वितरण किया जा रहा है। प्रभारी मेलाधिकारी विवेक चतुर्वेदी का कहना है कि सभी संस्थाएं 20 जनवरी तक सुविधा पर्ची प्राप्त कर लें। अन्यथा, इसके बाद पर्ची न लेने वाली संस्थाओं की भूमि एवं सुविधा निरस्त कर अन्य आवेदकों को आवंटित कर दी जाएगी।

काम में लापरवाही पर चार एआरटीओ का वेतन रोकने का आदेश

काम में लापरवाही तथा बैठक में अनुपस्थित रहने वाले चार सहायक संभागीय परिवहन अधिकारियों को वेतन रोकने का आदेश दिया गया है। अलका शुक्ला, सियाराम वर्मा, सुरेश कुमार वर्मा एवं भूपेश गुप्ता बैठक में मौजूद नहीं रहे। इसकी वजह से बैठक में अवैध परिवहन की समीक्षा नहीं हो पाई। इस पर डीएम भानु चंद्र गोस्वामी ने इनका वेतन रोकने का आदेश दिया है। डीएम ने कहा कि  एआरटीओ, एसडीएम, पुलिस अधिकारियों के संयुक्त अभियान नहीं चल पा रहा। रोस्टर भी संबंधित अफसरों को उपलब्ध  नहीं कराया गया है। यह आपत्तिजनक स्थिति है। डीएम ने वेतन रोकने के आदेश के साथ दो दिनों में स्पष्टीकरण भी मांगा है।

सार

मेले के खास बिंदु

  • पांच सेक्टर
  • छह हजार फीट 
  • 360 सफाई कर्मचारी
  • 14400 शौचालय
  • 300 यूरिनल
  • 12000 तंबू
  • एक हजार सरकारी विभागों के शिविर
  • 20-20 बेड के दो अस्पताल

विस्तार

संगम क्षेत्र में मकर संक्रांति का स्नान बृहस्पतिवार को भोर में ही शुरू हो जाएगा। इसी के साथ मेले का भी आगाज होगा। प्रशासन की ओर से सभी तैयारियां पूरी होने के दावे किए जा रहे हैं लेकिन कोविड संक्रमण को लेकर जारी गाइडलाइन का पालन सुनिश्चित कराने की चुनौती होगी। प्रशासन को पहले स्नान पर्व पर ही 80 लाख स्नानार्थियों के आने के उम्मीद है। ऐसे में यह चुनौती और बढ़ गई है।

स्नान सभी पांच सेक्टर में होंगे। इसके लिए गंगा के किनारे करीब छह हजार फीट तक घाट बनाए जाने की बात कही जा रही है लेकिन स्थिति इसके उलट है। सेक्टर तीन में खाक चौक के पास घाट नहीं बना है। झूंसी, अरैल की तरफ भी त्रिवेणी मार्ग पर देर शाम तक घाट बन रहे थे। ऐसे में संगम नोज पर भीड़ बढने की उम्मीद है।

हालांकि राहत की बात इतनी जरूर है कि संगम नोज पर सर्कुलेटिंग एरिया बढ़ाया गया है। मेला में श्रद्धालुओं को रुकने की अनुमति नहीं होगी। कोविड संक्रमण के खतरे को देखते हुए कई अन्य इंतजाम भी किए गए हैं। इसके बावजूत  अंदेशा बना हुआ है। इस बार श्रद्धालुओं की घाट पर स्नान के बाद अपने स्थान तक पहुंचने में भी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। घाट के किनारे लगे बिजली के पोल पर नंबर नहीं लगाए गए हैं। इसके अलावा मोबाइल टॉवर भी नहीं है। इससे परेशानी और बढ़ सकती है। इसके अलावा अभी तक निर्धारित संख्या में शौचालयों का भी निर्माण नहीं हुआ है।

मेला क्षेत्र से बाहर 14 स्थानों पर रुक सकेंगे श्रद्धालु

स्नान पर्वों पर स्टेशन पर भीड़ बढने की स्थिति में शहर में 14 जगहों पर स्नानार्थियों के ठहरने की व्यवस्था की गई है। हालांकि इन स्थलों पर स्नानार्थियों को कुछ अवधि के लिए ही ठहरने की सुविधा होगी। प्रयागराज जंक्शन से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए खुशरोबाग, एंग्लो बंगाली इंटर कालेज, बिशप जानसन स्कूल एंड कालेज, सीएवी इंटर कालेज, राजकीय बालिका इंटर कालेज, सेंट जोसेफ स्कूल एंड कालेज तथा चंद्रशेखर आजाद पार्क में होल्डिंग स्थल बनाए गए हैं। प्रयाग रेलवे स्टेशन के यात्रियों के लिए एनी बेसेंट इंटर कालेज, होली ट्रिनटी स्कूल, आईईआरटी कालेज तथा नार्मलल स्कूल को होल्डिंग स्थल घोषित किया गया है। रामबाग स्टेशन के लिए सेवा समिति इंटर कालेज, क्रासवेट इंटर कालेज तथा राजकीय इंटर कालेज में ठहरने की व्यवस्था की गई है। इसके लिए इन स्थलों का अधिग्रहण किया जा चुका है।

20 तक प्राप्त कर लें सुविधा पर्ची

मेला क्षेत्र में साधु-संतों, संस्थाओं आदि को सुविधा पर्ची का वितरण किया जा रहा है। प्रभारी मेलाधिकारी विवेक चतुर्वेदी का कहना है कि सभी संस्थाएं 20 जनवरी तक सुविधा पर्ची प्राप्त कर लें। अन्यथा, इसके बाद पर्ची न लेने वाली संस्थाओं की भूमि एवं सुविधा निरस्त कर अन्य आवेदकों को आवंटित कर दी जाएगी।

काम में लापरवाही पर चार एआरटीओ का वेतन रोकने का आदेश

काम में लापरवाही तथा बैठक में अनुपस्थित रहने वाले चार सहायक संभागीय परिवहन अधिकारियों को वेतन रोकने का आदेश दिया गया है। अलका शुक्ला, सियाराम वर्मा, सुरेश कुमार वर्मा एवं भूपेश गुप्ता बैठक में मौजूद नहीं रहे। इसकी वजह से बैठक में अवैध परिवहन की समीक्षा नहीं हो पाई। इस पर डीएम भानु चंद्र गोस्वामी ने इनका वेतन रोकने का आदेश दिया है। डीएम ने कहा कि  एआरटीओ, एसडीएम, पुलिस अधिकारियों के संयुक्त अभियान नहीं चल पा रहा। रोस्टर भी संबंधित अफसरों को उपलब्ध  नहीं कराया गया है। यह आपत्तिजनक स्थिति है। डीएम ने वेतन रोकने के आदेश के साथ दो दिनों में स्पष्टीकरण भी मांगा है।


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