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कोरोना महामारी से भारत-श्रीलंका के द्विपक्षीय संबंधों पर नहीं पड़ा कोई असर: जयशंकर

वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, कोलंबो
Updated Wed, 06 Jan 2021 04:03 PM IST

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विदेश मंत्री एस जयशंकर मंगलवार को तीन दिनों की यात्रा पर श्रीलंका पहुंचे थे। पहुंचने के बाद उन्होंने अपने समकक्ष दिनेश गुणवर्धन और राष्ट्रपति गोतबया राजपक्षे से मुलाकात की। बता दें कि यह 2021 में उनकी पहली विदेश यात्रा है। साथ ही वह नए साल में श्रीलंका आने वाली पहले विदेशी हस्ती हैं।

बुधवार को गुणवर्धन के साथ बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में जयशंकर ने कहा कि कोरोना वायरस महामारी भारत-श्रीलंका के द्विपक्षीय संबंधों को नुकसान नहीं पहुंचा सकी है। जयशंकर ने कहा कि वास्तविकता यह है कि पिछले एक साल में उच्च स्तर पर संपर्क बना रहा और वह पहले से मजबूत हुआ है। उन्होंने कहा कि अब हम श्रीलंका के साथ कोविड-19 के बाद सहयोग को लेकर उत्साहित हैं।

विदेश मंत्री ने भारत से टीका प्राप्त करने के श्रीलंका के हित के बारे में भी चर्चा की। यह आश्वासन देते हुए कि श्रीलंका के लिए भारत भरोसेमंद और विश्वसनीय साझेदार है। जयशंकर ने कहा कि देश परस्पर हित, परस्पर विश्वास, परस्पर सम्मान और परस्पर संवेदनशीलता के आधार पर द्वीपीय देश के साथ अपने संबंधों को मजबूत बनाने के पक्ष में है। 

वहीं राष्ट्रपति गोतभाया से मुलाकात के बाद उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति से मिलकर बहुत खुशी हुई। हमने राष्ट्रपति को प्रधानमंत्री मोदी की तरफ से हार्दिक बधाई दी। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति के साथ दोनों देशों के बीच स्वास्थ्य और आर्थिक सुधार को लेकर चर्चा की। भारत श्रीलंका के विकास में एक विश्वसनीय भागीदार बना रहेगा।

उन्होंने रेखांकित किया कि पड़ोसी देश फिलहाल कोविड-19 के बाद की चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। जयशंकर ने कहा कि यह सिर्फ जन स्वास्थ्य का मुद्दा नहीं है बल्कि आर्थिक संकट की स्थिति भी है।

विदेश मंत्री एस जयशंकर मंगलवार को तीन दिनों की यात्रा पर श्रीलंका पहुंचे थे। पहुंचने के बाद उन्होंने अपने समकक्ष दिनेश गुणवर्धन और राष्ट्रपति गोतबया राजपक्षे से मुलाकात की। बता दें कि यह 2021 में उनकी पहली विदेश यात्रा है। साथ ही वह नए साल में श्रीलंका आने वाली पहले विदेशी हस्ती हैं।

बुधवार को गुणवर्धन के साथ बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में जयशंकर ने कहा कि कोरोना वायरस महामारी भारत-श्रीलंका के द्विपक्षीय संबंधों को नुकसान नहीं पहुंचा सकी है। जयशंकर ने कहा कि वास्तविकता यह है कि पिछले एक साल में उच्च स्तर पर संपर्क बना रहा और वह पहले से मजबूत हुआ है। उन्होंने कहा कि अब हम श्रीलंका के साथ कोविड-19 के बाद सहयोग को लेकर उत्साहित हैं।

विदेश मंत्री ने भारत से टीका प्राप्त करने के श्रीलंका के हित के बारे में भी चर्चा की। यह आश्वासन देते हुए कि श्रीलंका के लिए भारत भरोसेमंद और विश्वसनीय साझेदार है। जयशंकर ने कहा कि देश परस्पर हित, परस्पर विश्वास, परस्पर सम्मान और परस्पर संवेदनशीलता के आधार पर द्वीपीय देश के साथ अपने संबंधों को मजबूत बनाने के पक्ष में है। 

वहीं राष्ट्रपति गोतभाया से मुलाकात के बाद उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति से मिलकर बहुत खुशी हुई। हमने राष्ट्रपति को प्रधानमंत्री मोदी की तरफ से हार्दिक बधाई दी। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति के साथ दोनों देशों के बीच स्वास्थ्य और आर्थिक सुधार को लेकर चर्चा की। भारत श्रीलंका के विकास में एक विश्वसनीय भागीदार बना रहेगा।

उन्होंने रेखांकित किया कि पड़ोसी देश फिलहाल कोविड-19 के बाद की चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। जयशंकर ने कहा कि यह सिर्फ जन स्वास्थ्य का मुद्दा नहीं है बल्कि आर्थिक संकट की स्थिति भी है।


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