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कोरोना के नए प्रकारों का प्रसार रोकने के लिए जर्मनी पूरी तरह बंद कर सकता है उड़ान सेवा

जर्मनी का फ्रेंकफर्ट हवाई अड्डा
– फोटो : Frankfurt Airport Germany

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देश में कोरोना वायरस के नए और अधिक संक्रामक प्रकारों के प्रसार रोकने के लिए जर्मनी सरकार विमान सेवाओं को पूरी तरह से रोकने जैसे नियम लागू करने पर विचार कर रही है। यह जानकारी मंगलवार को देश के आंतरिक मामलों के मंत्री हॉर्स्ट सीहोफर ने दी। उन्होंने इस संबंध में कहा, ‘कोरोना वायरस के कुछ म्यूटेशनों से उत्पन्न खतरे की वजह से हम कठिन मानक तय करने के लिए विचार करने पर मजबूर हो गए हैं।’

उन्होंने आगे कहा, इसमें सीमा पर सख्त जांच (खास कर उच्च खतरों वाले सीमाई इलाकों में) के साथ जर्मनी से हवाई यातायात को करीब-करीब शून्य करना है, जैसा कि इस्रायल कर रहा है। बता दें कि ब्रिटेन और दक्षिण अफ्रीका में सामने आए कोरोना का नया स्ट्रेन मूल वायरस के मुकाबले कहीं अधिक संक्रामक है और ऐसे समय में गंभीर चिंता का विषय बन गया है जब दुनिया भर के देश महामारी से उबरने के प्रयास कर रहे हैं।

जर्मनी की चांसलर एंजेला मर्केल ने जनप्रतिनिधियों की एक बैठक में कहा था कि सीमा पर नागरिकों को अधिकार है कि सरकार से उम्मीद करे कि इस संबंध में कुछ निश्चित सावधानियां बरती जाएंगी। उन्होंने कहा, ‘सभी यह समझते हैं कि वर्तमान का समय यात्रा करने के लिए नहीं है।’ जर्मनी में कोरोना की पहली लहर में तुलनात्मक रूप से स्थिति नियंत्रण में रही थी, लेकिन हाल के दिनों में यहां कोरोना का असर तेज होता दिखा है।

देश ने नवंबर में रेस्टोरेंट, बार और सांस्कृतिक और मनोरंजन गतिविधियों पर रोक लगा दी थी। दिसंबर में मानक और सख्त किए गए थे जिसमें स्कूलों और गैर जरूरी दुकानों को बंद करने के आदेश शामिल थे। उल्लेखनीय है कि वर्तमान में जारी नियमों के मध्य फरवरी तक जारी रहने की उम्मीद है। फिलहाल, जर्मनी में दूसरे देशों से आने वाले यात्रियों के लिए कोरोना वायरस ही ताजा निगेटिव जांच रिपोर्ट पेश करना अनिवार्य है। 

देश में कोरोना वायरस के नए और अधिक संक्रामक प्रकारों के प्रसार रोकने के लिए जर्मनी सरकार विमान सेवाओं को पूरी तरह से रोकने जैसे नियम लागू करने पर विचार कर रही है। यह जानकारी मंगलवार को देश के आंतरिक मामलों के मंत्री हॉर्स्ट सीहोफर ने दी। उन्होंने इस संबंध में कहा, ‘कोरोना वायरस के कुछ म्यूटेशनों से उत्पन्न खतरे की वजह से हम कठिन मानक तय करने के लिए विचार करने पर मजबूर हो गए हैं।’

उन्होंने आगे कहा, इसमें सीमा पर सख्त जांच (खास कर उच्च खतरों वाले सीमाई इलाकों में) के साथ जर्मनी से हवाई यातायात को करीब-करीब शून्य करना है, जैसा कि इस्रायल कर रहा है। बता दें कि ब्रिटेन और दक्षिण अफ्रीका में सामने आए कोरोना का नया स्ट्रेन मूल वायरस के मुकाबले कहीं अधिक संक्रामक है और ऐसे समय में गंभीर चिंता का विषय बन गया है जब दुनिया भर के देश महामारी से उबरने के प्रयास कर रहे हैं।

जर्मनी की चांसलर एंजेला मर्केल ने जनप्रतिनिधियों की एक बैठक में कहा था कि सीमा पर नागरिकों को अधिकार है कि सरकार से उम्मीद करे कि इस संबंध में कुछ निश्चित सावधानियां बरती जाएंगी। उन्होंने कहा, ‘सभी यह समझते हैं कि वर्तमान का समय यात्रा करने के लिए नहीं है।’ जर्मनी में कोरोना की पहली लहर में तुलनात्मक रूप से स्थिति नियंत्रण में रही थी, लेकिन हाल के दिनों में यहां कोरोना का असर तेज होता दिखा है।

देश ने नवंबर में रेस्टोरेंट, बार और सांस्कृतिक और मनोरंजन गतिविधियों पर रोक लगा दी थी। दिसंबर में मानक और सख्त किए गए थे जिसमें स्कूलों और गैर जरूरी दुकानों को बंद करने के आदेश शामिल थे। उल्लेखनीय है कि वर्तमान में जारी नियमों के मध्य फरवरी तक जारी रहने की उम्मीद है। फिलहाल, जर्मनी में दूसरे देशों से आने वाले यात्रियों के लिए कोरोना वायरस ही ताजा निगेटिव जांच रिपोर्ट पेश करना अनिवार्य है। 

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