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किसान आंदोलन Live: शांतिपूर्ण ढंग से खत्म हुआ किसानों का चक्का जाम, खुले सभी मेट्रो स्टेशन के गेट

फरीदाबाद में हुए चक्का जाम का एक दृश्य
– फोटो : अमर उजाला

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हम सात साल से वो नंबर ढूंढ रहे हैं जिस पर प्रधानमंत्री उपलब्ध हो सकेंः किसान नेता
किसान नेता युद्धवीर सिंह ने कहा कि, हम पिछले 7 साल से वो नंबर ढूंढ रहे हैं जिसपर प्रधानमंत्री जी उपलब्ध हो सकते हैं। अगर हमें वो फोन नंबर मिल जाए तो हम बात करने को तैयार हैं, हम इंतजार में हैं। इस बीच हमने तय किया है कि हम अपने आंदोलन को तेज करेंगे।

किसानों का चक्का जाम खत्म होने के बाद खुले सभी मेट्रो स्टेशन
किसानों के चक्का जाम के चलते जितने भी मेट्रो स्टेशन के प्रवेश और निकास द्वार बंद किए गए थे वह सभी खुल चुके हैं और मेट्रो की सेवाएं निर्बाध रूप से चल रही हैं।

सरकार खुले मन से समाधान में लगी हैः केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह
केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा कि सरकार बड़े खुले मन से इसके समाधान में लगी हुई है, जो भी कानून बने हैं वो किसान हित में हैं। विडंबना ये है कि इन्हीं कानूनों को बनाने के लिए पिछली सरकारें भी बहस करती रहीं और अब उन मुद्दों पर आपत्ति जताई जा रही है जो इनमें हैं ही नहीं।

टिकैत ने कहा- सरकार से बराबरी की टक्कर पर बातचीत होगी
टिकैत ने कहा देशभर में आंदोलन जारी रहेगा। बराबरी की टक्कर में बातचीत होगी। सरकार कानून वापस ले तभी बातचीत होगी। सरकार को किसानों से लगाव नहीं, व्यापारियों से है। उन्होंने ये भी कहा कि हम दिल्ली से एक-एक कील काट के जाएंगे। राकेश टिकैत ने ये भी कहा कि सरकार कृषि कानूनों को वापस ले और एमएसपी पर कानून बनाए नहीं तो आंदोलन जारी रहेगा। हम पूरे देश में यात्राएं करेंगे और पूरे देश में आंदोलन होगा।

खत्म हुआ किसानों का चक्का जाम

दोपहर 12 बजे से 3.00 बजे तक बुलाए गए चक्का जाम के आह्वान का समय खत्म होने पर किसानों ने एक मिनट तक अपने वाहनों के हॉर्न बजाकर समापन की घोषणा की। इस दौरान पंजाब से लेकर कर्नाटक तक पूरे देश में चक्का जाम का आयोजन किया गया जो शांतिपूर्ण ही रहा।

अप्रिय घटना होती है तो दंड दिया जाएगा
भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि, आज चक्का जाम हर जगह शांतिपूर्ण ढंग से किया जा रहा है। अगर कोई भी अप्रिय घटना होती है तो दंड दिया जाएगा।

गाजीपुर बॉर्डर पर आज बोए गए आलू और गन्ने
दिल्ली पुलिस द्वारा लगाई गई कील वाले स्थान पर शुक्रवार को आंदोलनकारी किसानों ने मिट्टी डालकर फूल लगाए थे। शनिवार को दिल्ली पुलिस ने इस स्थान को अपने कब्जे में लेकर बैरिकेडिंग कर दी है। यहां पर पुलिस बल तैनात किया गया है। इसके बाद आज दिन में राकेश टिकैत ने एक बार फिर वहीं खेती की। आज उन्होंने आलू और गन्ना बोया। उन्होंने कहा कि खेतों में हल किसान चलाएगा और देश की रक्षा जवान करेगा। इस मिट्टी की रक्षा जवान करेगा।
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गुरुग्राम के बजघेरा चौक पर किसान कर रहे शांतिपूर्ण प्रदर्शन
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बरेली में कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन कर किसानों ने सौंपा ज्ञापन
किसान विरोधी कानूनों को वापस लेने की मांग कर बरेली में किसान एकता संघ के तत्वावधान में किसानों ने कलक्ट्रेट में प्रदर्शन कर राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन एसीएम को दिया। मंडल प्रभारी डॉ रवि नागर ने कहा कि केंद्र सरकार किसान विरोधी है जब तक किसान कानूनों को वापस नहीं लिया जाता तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

अमृतसर और मोहाली में सड़कों पर प्रदर्शन
पंजाब में अमृतसर और मोहाली में दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक किसानों द्वारा दिए गए ‘चक्का जाम’ के आह्वान के तहत प्रदर्शनकारियों ने सड़कों को जाम कर दिया है। 

शाहजहांपुर सीमा पर किया चक्का जाम
प्रदर्शनकारियों ने शाहजहांपुर सीमा (राजस्थान-हरियाणा) के पास राष्ट्रीय राजमार्ग को जाम कर दिया है।

दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन ने जानकारी दी है कि एहतियात के तौर मंडी हाउस, आईटीओ, विश्वविद्यालय, लाल किला, जामा मस्जिद, जनपथ, केंद्रीय सचिवालय और दिल्ली गेट के प्रवेश और निकास द्वार बंद हैं।

देश के किसानों की बात सुनें पीएम मोदीः सुखबीर सिंह बादल
शिरोमणि अकाली दल के नेता सुखबीर बादल ने कहा कि, मैं प्रधानमंत्री मोदी जी को कहना चाहूंगा कि देश की आवाज, देश के किसानों की बात सुननी चाहिए और जल्दी ही ये 3 कानूनों को रद्द करना चाहिए।

आईटीओ पर भी सुरक्षा के हैं कड़े इंतजाम
किसान संगठनों के चक्का जाम के आह्वान को देखते हुए दिल्ली के आईटीओ पर भारी संख्या में सुरक्षाबल तैनात किया गया है। किसान संगठन देशभर में आज दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक चक्का जाम करेंगे।

लोनी बॉर्डर पर ड्रोन कर रहे निगरानी
किसान संगठनों ने आज देशभर में चक्का जाम का आह्वान किया है। इसके मद्देनजर गाजियाबाद के लोनी बॉर्डर पर भारी संख्या में सुरक्षाबल तैनात किया गया है। बॉर्डर पर निगरानी रखने के लिए सुरक्षाबल ड्रोन का इस्तेमाल कर रहे हैं।

दिल्ली में हालात सामान्य
दिल्ली की तीनों सीमाओं के साथ आईटीओ, लाल किला, इंडिया गेट पर अभी हालात सामान्य हैं। सभी प्वाइंट पर पुलिस की बड़ी संख्या में तैनाती है। ट्रैफिक अभी आम दिनों की तरह चल रहा है और मेट्रो का संचालन भी अबाध रूप से चल रहा है।

दिल्ली-गुरुग्राम बॉर्डर पर भी कड़ी सुरक्षा तैनात
किसान संगठनों द्वारा देशभर में आज चक्का जाम के आह्वान को देखते हुए दिल्ली-गुरुग्राम बॉर्डर पर सुरक्षाबल तैनात किया गए हैं।

टिकरी बॉर्डर की भी बढ़ाई सुरक्षा
कृषि कानूनों के खिलाफ किसान संगठनों ने आज देशभर में चक्का जाम का आह्वान किया है। इसको देखते हुए टीकरी बॉर्डर पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। यहां तो पुलिस ने कीलें भी गाड़ रखी हैं।

लाल किले पर भी बढ़ाई सुरक्षा
किसान संगठनों ने आज देशभर में चक्का जाम का आह्वान किया है। इसको देखते हुए लाल किला पर सुरक्षाबल तैनात किया गया है। 26 जनवरी की हिंसा के बाद पुलिस कोई भी चूक करने से बच रही है। यही कारण है कि दिल्ली में चक्का जाम का आह्वान न होने के बाद भी सुरक्षा व्यवस्था चाक चौबंद है।

देखें किसानों के चक्का जाम का पूरा शेड्यूल

गाजीपुर बॉर्डर पर 71वें दिन भी जारी है आंदोलन
गाजीपुर बॉर्डर पर कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों का विरोध-प्रदर्शन आज 71वें दिन भी जारी है।

सिंघु बॉर्डर पर बढ़ाई सुरक्षा
कृषि कानूनों के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन कर रहे किसानों ने आज पूरे देश में चक्का जाम का आह्वान किया है। इसके मद्देनजर सिंघु बॉर्डर पर सुरक्षा कड़ी की गई है। कई स्तर की बैरिकेडिंग भी की गई है। 

दिल्ली, यूपी और उत्तराखंड में चक्का जाम के दौरान हिंसा के मिले थे इनपुट, इसलिए यहां टालाः राकेश टिकैत
राकेश टिकैत ने देर रात अमर उजाला से बातचीत में कहा कि यूपी और उत्तराखंड में चक्का जाम कार्यक्रम को रद्द नहीं किया है बल्कि टाला है, आगे फिर कभी इन दोनों राज्यों में यह कार्यक्रम किया जाए जाएगा। उन्होंने कहा कि दरअसल इनपुट गलत तरीके के मिले थे, हिंसा की गुप्त सूचना मिली थी। आंदोलन को बदनाम करने के लिए चार पांच जगहों पर गाड़ियों के शीशे तोड़े जाने की योजना थी। इन सब को ध्यान में रखते हुए यूपी, उत्तराखंड और दिल्ली में चक्का जाम के कार्यक्रम को फिलहाल टालना पड़ा।

सार

कृषि कानूनों के विरोध में दिल्ली की सीमाओं पर 70 दिनों से ज्यादा समय से बैठे किसानों का आंदोलन लगातार जारी है। उनका कहना है कि जब तक बिल वापसी नहीं तब तक घर वापसी नहीं। अपने आंदोलन को धार देने और जनता का समर्थन हासिल करने के लिए संयुक्त किसान मोर्चा ने आज देशव्यापी चक्का जाम का आह्वान किया था। हालांकि इसमें दिल्ली, उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश शामिल नहीं थे। इसके बावजूद पूरे दिल्ली-एनसीआर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई थी। सड़कों पर बैरिकेडिंग से लेकर तमाम सुरक्षा बल तैनात रहे। किसानों का चक्का जाम दोपहर 12.00 बजे से 3.00 तक रहा, जो सिर्फ नेशनल और राज्य स्तरीय हाईवे तक ही सीमित था। यहां पढ़ें दिनभर के सभी अपडेट्स…

विस्तार

हम सात साल से वो नंबर ढूंढ रहे हैं जिस पर प्रधानमंत्री उपलब्ध हो सकेंः किसान नेता

किसान नेता युद्धवीर सिंह ने कहा कि, हम पिछले 7 साल से वो नंबर ढूंढ रहे हैं जिसपर प्रधानमंत्री जी उपलब्ध हो सकते हैं। अगर हमें वो फोन नंबर मिल जाए तो हम बात करने को तैयार हैं, हम इंतजार में हैं। इस बीच हमने तय किया है कि हम अपने आंदोलन को तेज करेंगे।

किसानों का चक्का जाम खत्म होने के बाद खुले सभी मेट्रो स्टेशन

किसानों के चक्का जाम के चलते जितने भी मेट्रो स्टेशन के प्रवेश और निकास द्वार बंद किए गए थे वह सभी खुल चुके हैं और मेट्रो की सेवाएं निर्बाध रूप से चल रही हैं।

सरकार खुले मन से समाधान में लगी हैः केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह

केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा कि सरकार बड़े खुले मन से इसके समाधान में लगी हुई है, जो भी कानून बने हैं वो किसान हित में हैं। विडंबना ये है कि इन्हीं कानूनों को बनाने के लिए पिछली सरकारें भी बहस करती रहीं और अब उन मुद्दों पर आपत्ति जताई जा रही है जो इनमें हैं ही नहीं।

टिकैत ने कहा- सरकार से बराबरी की टक्कर पर बातचीत होगी

टिकैत ने कहा देशभर में आंदोलन जारी रहेगा। बराबरी की टक्कर में बातचीत होगी। सरकार कानून वापस ले तभी बातचीत होगी। सरकार को किसानों से लगाव नहीं, व्यापारियों से है। उन्होंने ये भी कहा कि हम दिल्ली से एक-एक कील काट के जाएंगे। राकेश टिकैत ने ये भी कहा कि सरकार कृषि कानूनों को वापस ले और एमएसपी पर कानून बनाए नहीं तो आंदोलन जारी रहेगा। हम पूरे देश में यात्राएं करेंगे और पूरे देश में आंदोलन होगा।

खत्म हुआ किसानों का चक्का जाम

दोपहर 12 बजे से 3.00 बजे तक बुलाए गए चक्का जाम के आह्वान का समय खत्म होने पर किसानों ने एक मिनट तक अपने वाहनों के हॉर्न बजाकर समापन की घोषणा की। इस दौरान पंजाब से लेकर कर्नाटक तक पूरे देश में चक्का जाम का आयोजन किया गया जो शांतिपूर्ण ही रहा।

अप्रिय घटना होती है तो दंड दिया जाएगा

भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि, आज चक्का जाम हर जगह शांतिपूर्ण ढंग से किया जा रहा है। अगर कोई भी अप्रिय घटना होती है तो दंड दिया जाएगा।

गाजीपुर बॉर्डर पर आज बोए गए आलू और गन्ने

दिल्ली पुलिस द्वारा लगाई गई कील वाले स्थान पर शुक्रवार को आंदोलनकारी किसानों ने मिट्टी डालकर फूल लगाए थे। शनिवार को दिल्ली पुलिस ने इस स्थान को अपने कब्जे में लेकर बैरिकेडिंग कर दी है। यहां पर पुलिस बल तैनात किया गया है। इसके बाद आज दिन में राकेश टिकैत ने एक बार फिर वहीं खेती की। आज उन्होंने आलू और गन्ना बोया। उन्होंने कहा कि खेतों में हल किसान चलाएगा और देश की रक्षा जवान करेगा। इस मिट्टी की रक्षा जवान करेगा।

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गुरुग्राम के बजघेरा चौक पर किसान कर रहे शांतिपूर्ण प्रदर्शन

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बरेली में कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन कर किसानों ने सौंपा ज्ञापन

किसान विरोधी कानूनों को वापस लेने की मांग कर बरेली में किसान एकता संघ के तत्वावधान में किसानों ने कलक्ट्रेट में प्रदर्शन कर राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन एसीएम को दिया। मंडल प्रभारी डॉ रवि नागर ने कहा कि केंद्र सरकार किसान विरोधी है जब तक किसान कानूनों को वापस नहीं लिया जाता तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

अमृतसर और मोहाली में सड़कों पर प्रदर्शन

पंजाब में अमृतसर और मोहाली में दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक किसानों द्वारा दिए गए ‘चक्का जाम’ के आह्वान के तहत प्रदर्शनकारियों ने सड़कों को जाम कर दिया है। 

शाहजहांपुर सीमा पर किया चक्का जाम

प्रदर्शनकारियों ने शाहजहांपुर सीमा (राजस्थान-हरियाणा) के पास राष्ट्रीय राजमार्ग को जाम कर दिया है।

दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन ने जानकारी दी है कि एहतियात के तौर मंडी हाउस, आईटीओ, विश्वविद्यालय, लाल किला, जामा मस्जिद, जनपथ, केंद्रीय सचिवालय और दिल्ली गेट के प्रवेश और निकास द्वार बंद हैं।

देश के किसानों की बात सुनें पीएम मोदीः सुखबीर सिंह बादल

शिरोमणि अकाली दल के नेता सुखबीर बादल ने कहा कि, मैं प्रधानमंत्री मोदी जी को कहना चाहूंगा कि देश की आवाज, देश के किसानों की बात सुननी चाहिए और जल्दी ही ये 3 कानूनों को रद्द करना चाहिए।

आईटीओ पर भी सुरक्षा के हैं कड़े इंतजाम

किसान संगठनों के चक्का जाम के आह्वान को देखते हुए दिल्ली के आईटीओ पर भारी संख्या में सुरक्षाबल तैनात किया गया है। किसान संगठन देशभर में आज दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक चक्का जाम करेंगे।

लोनी बॉर्डर पर ड्रोन कर रहे निगरानी

किसान संगठनों ने आज देशभर में चक्का जाम का आह्वान किया है। इसके मद्देनजर गाजियाबाद के लोनी बॉर्डर पर भारी संख्या में सुरक्षाबल तैनात किया गया है। बॉर्डर पर निगरानी रखने के लिए सुरक्षाबल ड्रोन का इस्तेमाल कर रहे हैं।

दिल्ली में हालात सामान्य

दिल्ली की तीनों सीमाओं के साथ आईटीओ, लाल किला, इंडिया गेट पर अभी हालात सामान्य हैं। सभी प्वाइंट पर पुलिस की बड़ी संख्या में तैनाती है। ट्रैफिक अभी आम दिनों की तरह चल रहा है और मेट्रो का संचालन भी अबाध रूप से चल रहा है।

दिल्ली-गुरुग्राम बॉर्डर पर भी कड़ी सुरक्षा तैनात

किसान संगठनों द्वारा देशभर में आज चक्का जाम के आह्वान को देखते हुए दिल्ली-गुरुग्राम बॉर्डर पर सुरक्षाबल तैनात किया गए हैं।

टिकरी बॉर्डर की भी बढ़ाई सुरक्षा

कृषि कानूनों के खिलाफ किसान संगठनों ने आज देशभर में चक्का जाम का आह्वान किया है। इसको देखते हुए टीकरी बॉर्डर पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। यहां तो पुलिस ने कीलें भी गाड़ रखी हैं।

लाल किले पर भी बढ़ाई सुरक्षा

किसान संगठनों ने आज देशभर में चक्का जाम का आह्वान किया है। इसको देखते हुए लाल किला पर सुरक्षाबल तैनात किया गया है। 26 जनवरी की हिंसा के बाद पुलिस कोई भी चूक करने से बच रही है। यही कारण है कि दिल्ली में चक्का जाम का आह्वान न होने के बाद भी सुरक्षा व्यवस्था चाक चौबंद है।


देखें किसानों के चक्का जाम का पूरा शेड्यूल

गाजीपुर बॉर्डर पर 71वें दिन भी जारी है आंदोलन

गाजीपुर बॉर्डर पर कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों का विरोध-प्रदर्शन आज 71वें दिन भी जारी है।

सिंघु बॉर्डर पर बढ़ाई सुरक्षा

कृषि कानूनों के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन कर रहे किसानों ने आज पूरे देश में चक्का जाम का आह्वान किया है। इसके मद्देनजर सिंघु बॉर्डर पर सुरक्षा कड़ी की गई है। कई स्तर की बैरिकेडिंग भी की गई है। 

दिल्ली, यूपी और उत्तराखंड में चक्का जाम के दौरान हिंसा के मिले थे इनपुट, इसलिए यहां टालाः राकेश टिकैत

राकेश टिकैत ने देर रात अमर उजाला से बातचीत में कहा कि यूपी और उत्तराखंड में चक्का जाम कार्यक्रम को रद्द नहीं किया है बल्कि टाला है, आगे फिर कभी इन दोनों राज्यों में यह कार्यक्रम किया जाए जाएगा। उन्होंने कहा कि दरअसल इनपुट गलत तरीके के मिले थे, हिंसा की गुप्त सूचना मिली थी। आंदोलन को बदनाम करने के लिए चार पांच जगहों पर गाड़ियों के शीशे तोड़े जाने की योजना थी। इन सब को ध्यान में रखते हुए यूपी, उत्तराखंड और दिल्ली में चक्का जाम के कार्यक्रम को फिलहाल टालना पड़ा।



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arvind007

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