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ओली का दावा, चुनाव आयोग ने प्रचंड-माधव गुट का पार्टी और चुनाव चिह्न पर दावा किया खारिज

अमर उजाला ब्यूरो, काठमांडो।
Updated Sat, 02 Jan 2021 04:46 AM IST

नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली (फाइल फोटो)
– फोटो : Twitter

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नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने दावा किया है कि उनके नेतृत्व वाली पार्टी ही असली नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी (एनसीपी) है और चुनाव चिह्न सूर्य भी उन्हीं का है। उन्होंने कहा, चुनाव आयोग ने पुष्पकमल दहल प्रचंड और माधव नेपाल का दावा खारिज कर दिया है।

जबकि आयोग ने कहा है कि अभी इस पर कोई निर्णय नहीं हुआ है। दरअसल, प्रतिनिधि सभा भंग होने व मध्यावधि चुनाव की घोषणा के बाद दो हिस्सों में बंटी सत्तारूढ़ एनसीपी के दोनों खेमे खुद का असली पार्टी बता रहे हैं।

प्रवासी नेपाली एकता मंच के सम्मेलन में ओली ने कहा, आयोग ने उन लोगों का आवेदन बृहस्पतिवार को खारिज कर दिया। चुनाव चिह्न सूर्य पर उन्होंने दावा किया था पर इसे भी आयोग ने नहीं माना। हम आयोग नहीं गए और न जाना है क्योंकि हम आधिकारिक पार्टी हैं।

वहीं, आयोग के प्रवक्ता ने कहा, चुनाव आयोग में दिए आवेदन वापस नहीं होते। दावा परखने का फैसला प्रक्रिया के तहत होता है। आयोग के सूत्रों का कहना है कि पार्टी पर वर्चस्व के लिए ओली दूसरे खेमे में भगदड़ मचाने और अपने गुट के लोगों का मनोबल बढ़ाने के लिए ऐसे बयान दे रहे हैं।

नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने दावा किया है कि उनके नेतृत्व वाली पार्टी ही असली नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी (एनसीपी) है और चुनाव चिह्न सूर्य भी उन्हीं का है। उन्होंने कहा, चुनाव आयोग ने पुष्पकमल दहल प्रचंड और माधव नेपाल का दावा खारिज कर दिया है।

जबकि आयोग ने कहा है कि अभी इस पर कोई निर्णय नहीं हुआ है। दरअसल, प्रतिनिधि सभा भंग होने व मध्यावधि चुनाव की घोषणा के बाद दो हिस्सों में बंटी सत्तारूढ़ एनसीपी के दोनों खेमे खुद का असली पार्टी बता रहे हैं।

प्रवासी नेपाली एकता मंच के सम्मेलन में ओली ने कहा, आयोग ने उन लोगों का आवेदन बृहस्पतिवार को खारिज कर दिया। चुनाव चिह्न सूर्य पर उन्होंने दावा किया था पर इसे भी आयोग ने नहीं माना। हम आयोग नहीं गए और न जाना है क्योंकि हम आधिकारिक पार्टी हैं।

वहीं, आयोग के प्रवक्ता ने कहा, चुनाव आयोग में दिए आवेदन वापस नहीं होते। दावा परखने का फैसला प्रक्रिया के तहत होता है। आयोग के सूत्रों का कहना है कि पार्टी पर वर्चस्व के लिए ओली दूसरे खेमे में भगदड़ मचाने और अपने गुट के लोगों का मनोबल बढ़ाने के लिए ऐसे बयान दे रहे हैं।


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