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एमआईटी प्रोफेसर पर आरोप, अमेरिका से पैसे लेकर चीन के लिए जासूसी की

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मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के एक प्रोफेसर पर अमेरिका से पैसे लेने और चीन के लिए जासूसी करने का आरोप लगा है। प्रोफेसर पर बृहस्पतिवार को आरोप लगाया गया कि उन्होंने चीन सरकार के लिए गुप्त रूप से काम किया। साथ ही इस दौरान वह अपने नैनो टेक्नोलॉजी शोध के लिए अमेरिका से भी पैसे लेते रहे।

अधिकारियों ने बताया कि गैंग चेन (56) को संघीय एजेंटों ने कैम्ब्रिज स्थित उनके घर से धोखाधड़ी सहित कई आरोपों में गिरफ्तार किया है। अधिकारियों ने बताया कि एमआईटी के लिए काम करने के दौरान चेन ने चीनी संस्थाओं के साथ अज्ञात अनुबंध किए और कई बैठकें कीं, जिसमें न्यूयॉर्क स्थित चीनी वाणिज्य दूतावास कार्यालय के अनुरोध पर चीनी सरकार के लिए ‘विदेशी विशेषज्ञ’ के रूप में कार्य करना भी शामिल है।

अधिकारियों ने अदालत को सौंपे दस्तावेजों में कहा कि उन्होंने चीन के लिए कई भूमिकाओं में कार्य किया है, जिसका मकसद चीन के वैज्ञानिक और तकनीकी लक्ष्यों को आगे बढ़ाना था। अधिकारियों ने कहा कि चेन ने चीन से अपने संबंध का खुलासा नहीं किया है, जैसा कि संघीय अनुदान आवेदनों के लिए हर तरह की जानकारियां देना आवश्यक होता है।

अधिकारियों के मुताबिक, उन्होंने और उनके शोध समूह ने लगभग 29 मिलियन डॉलर एकत्र किए, जिसमें चीनी सरकार द्वारा वित्त पोषित एक विश्वविद्यालय से लिए गए कई मिलियन डॉलर शामिल हैं। जबकि वह 2013 से एमआईटी में अपने काम के लिए अमेरिकी संघीय एजेंसियों से अनुदान के रूप में 19 मिलियन डालर हासिल कर चुके हैं। मैसाचुसेट्स के अटॉर्नी एंड्रयू लिलिंग ने संवाददाताओं से कहा कि विदेशी शोधकर्ताओं के साथ काम करना अवैध नहीं है, बल्कि इसके बारे में झूठ बोलना अवैध है।

मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के एक प्रोफेसर पर अमेरिका से पैसे लेने और चीन के लिए जासूसी करने का आरोप लगा है। प्रोफेसर पर बृहस्पतिवार को आरोप लगाया गया कि उन्होंने चीन सरकार के लिए गुप्त रूप से काम किया। साथ ही इस दौरान वह अपने नैनो टेक्नोलॉजी शोध के लिए अमेरिका से भी पैसे लेते रहे।

अधिकारियों ने बताया कि गैंग चेन (56) को संघीय एजेंटों ने कैम्ब्रिज स्थित उनके घर से धोखाधड़ी सहित कई आरोपों में गिरफ्तार किया है। अधिकारियों ने बताया कि एमआईटी के लिए काम करने के दौरान चेन ने चीनी संस्थाओं के साथ अज्ञात अनुबंध किए और कई बैठकें कीं, जिसमें न्यूयॉर्क स्थित चीनी वाणिज्य दूतावास कार्यालय के अनुरोध पर चीनी सरकार के लिए ‘विदेशी विशेषज्ञ’ के रूप में कार्य करना भी शामिल है।

अधिकारियों ने अदालत को सौंपे दस्तावेजों में कहा कि उन्होंने चीन के लिए कई भूमिकाओं में कार्य किया है, जिसका मकसद चीन के वैज्ञानिक और तकनीकी लक्ष्यों को आगे बढ़ाना था। अधिकारियों ने कहा कि चेन ने चीन से अपने संबंध का खुलासा नहीं किया है, जैसा कि संघीय अनुदान आवेदनों के लिए हर तरह की जानकारियां देना आवश्यक होता है।

अधिकारियों के मुताबिक, उन्होंने और उनके शोध समूह ने लगभग 29 मिलियन डॉलर एकत्र किए, जिसमें चीनी सरकार द्वारा वित्त पोषित एक विश्वविद्यालय से लिए गए कई मिलियन डॉलर शामिल हैं। जबकि वह 2013 से एमआईटी में अपने काम के लिए अमेरिकी संघीय एजेंसियों से अनुदान के रूप में 19 मिलियन डालर हासिल कर चुके हैं। मैसाचुसेट्स के अटॉर्नी एंड्रयू लिलिंग ने संवाददाताओं से कहा कि विदेशी शोधकर्ताओं के साथ काम करना अवैध नहीं है, बल्कि इसके बारे में झूठ बोलना अवैध है।


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arvind007

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