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एच-1 बी : जीवनसाथी वीजा पर अमेरिकी कोर्ट ने मांगी स्टेटस रिपोर्ट

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अमेरिका की एक अदालत ने एच-4 वीजा के लिए काम के अधिकार की संभावनाओं पर चार मार्च तक एक संयुक्त स्टेटस रिपोर्ट मांगी है। हाल ही में बाइडन प्रशासन द्वारा ट्रंप युग के कदम को वापस लेते हुए कुछ श्रेणियों के जीवनसाथी (पति या पत्नी और 21 वर्ष से कम उम्र के बच्चों) का काम का अधिकार बचाने के लिए लिए गए फैसले के मद्देनजर यह रिपोर्ट मांगी गई है।

बता दें कि अमेरिका के एच-1बी वीजा पर भारतीय पेशेवरों के पति या पत्नी (जिनमें ज्यादातर महिलाएं हैं) को ओबामा युग के शासन के सबसे बड़े लाभार्थी के रूप में जाना जाता है। इन्हें देश में रोजगार करने के लिए एच-4 वीजा के तहत रोजगार करने का अधिकार मिला हुआ है।

कोलंबिया कोर्ट ऑफ डिस्ट्रिक्ट ऑफ कोलंबिया सर्किट की जज तान्या एस. चुटकान ने कहा कि चार मार्च तक उचित आदेश के साथ रिपोर्ट को पेश किया जाए। एच-1बी के तहत एच-4 वीजा आमतौर पर उन लोगों के लिए जारी किया जाता है जिन्होंने पहले से ही रोजगार-आधारित वैध स्थायी निवासी का दर्जा पाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

ऑफिस ऑफ मैनेजमेंट एंड बजट (ओएमबी) और ऑफिस ऑफ इंफोर्मेशन एंड रेगुलेटरी अफेयर्स ने कहा था कि प्रस्तावित नियम वापस ले लिया गया है। इसी मामले में अदालत ने स्टेटस रिपोर्ट मांगी है।

बाइडन प्रशासन ने पलटा था ट्रंप का फैसला
अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने शपथ लेने के एक सप्ताह बाद ट्रंप सरकार के उस आदेश को वापस ले लिया था, जिसके तहत एच-1बी कार्य वीजाधारकों के जीवनसाथी को काम करने की अनुमति देने वाले एच-4 वीजा पर रोक लगाई गई थी। इनमें से ज्यादातर अत्यधिक कुशल भारतीय महिलाएं हैं। 

लॉटरी व्यवस्था रहेगी जारी
एच-1बी वीजा आवेदन पंजीकरण प्रक्रिया 9 मार्च से शुरू हो रही है। और कंप्यूटरीकृत लॉटरी ड्रॉ में सफल प्रतिभागियों को 31 मार्च तक इस बारे में सूचित किया जाएगा। बाइडन प्रशासन ने हाल ही में कहा था कि वे विदेशी पेशेवरों को काम के लिए वीजा जारी करने की परंपरागत लॉटरी व्यवस्था को बरकरार रखेंगे।

अमेरिका की एक अदालत ने एच-4 वीजा के लिए काम के अधिकार की संभावनाओं पर चार मार्च तक एक संयुक्त स्टेटस रिपोर्ट मांगी है। हाल ही में बाइडन प्रशासन द्वारा ट्रंप युग के कदम को वापस लेते हुए कुछ श्रेणियों के जीवनसाथी (पति या पत्नी और 21 वर्ष से कम उम्र के बच्चों) का काम का अधिकार बचाने के लिए लिए गए फैसले के मद्देनजर यह रिपोर्ट मांगी गई है।

बता दें कि अमेरिका के एच-1बी वीजा पर भारतीय पेशेवरों के पति या पत्नी (जिनमें ज्यादातर महिलाएं हैं) को ओबामा युग के शासन के सबसे बड़े लाभार्थी के रूप में जाना जाता है। इन्हें देश में रोजगार करने के लिए एच-4 वीजा के तहत रोजगार करने का अधिकार मिला हुआ है।

कोलंबिया कोर्ट ऑफ डिस्ट्रिक्ट ऑफ कोलंबिया सर्किट की जज तान्या एस. चुटकान ने कहा कि चार मार्च तक उचित आदेश के साथ रिपोर्ट को पेश किया जाए। एच-1बी के तहत एच-4 वीजा आमतौर पर उन लोगों के लिए जारी किया जाता है जिन्होंने पहले से ही रोजगार-आधारित वैध स्थायी निवासी का दर्जा पाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

ऑफिस ऑफ मैनेजमेंट एंड बजट (ओएमबी) और ऑफिस ऑफ इंफोर्मेशन एंड रेगुलेटरी अफेयर्स ने कहा था कि प्रस्तावित नियम वापस ले लिया गया है। इसी मामले में अदालत ने स्टेटस रिपोर्ट मांगी है।

बाइडन प्रशासन ने पलटा था ट्रंप का फैसला

अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने शपथ लेने के एक सप्ताह बाद ट्रंप सरकार के उस आदेश को वापस ले लिया था, जिसके तहत एच-1बी कार्य वीजाधारकों के जीवनसाथी को काम करने की अनुमति देने वाले एच-4 वीजा पर रोक लगाई गई थी। इनमें से ज्यादातर अत्यधिक कुशल भारतीय महिलाएं हैं। 

लॉटरी व्यवस्था रहेगी जारी

एच-1बी वीजा आवेदन पंजीकरण प्रक्रिया 9 मार्च से शुरू हो रही है। और कंप्यूटरीकृत लॉटरी ड्रॉ में सफल प्रतिभागियों को 31 मार्च तक इस बारे में सूचित किया जाएगा। बाइडन प्रशासन ने हाल ही में कहा था कि वे विदेशी पेशेवरों को काम के लिए वीजा जारी करने की परंपरागत लॉटरी व्यवस्था को बरकरार रखेंगे।

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arvind007

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