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ईरान के सर्वोच्च नेता खमैनी के अकाउंट पर रोक, ट्विटर ने दी ये सफाई

वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन
Updated Fri, 22 Jan 2021 09:42 PM IST

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सोशल मीडिया प्लेटफार्म ट्विटर और ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खमैनी से जुड़ी एक खबर ने शुक्रवार को सबको चौंका दिया। खबर थी कि ट्विटर ने खमैनी के अकाउंट को निलंबित कर दिया है। हालांकि अब इस मामले में ट्विटर ने स्थिति साफ कर दी है। ट्विटर ने जानकारी दी है कि जिस अकाउंट पर रोक लगाई गई है, वह दरअसल खमैनी के नाम पर बनाया गया फर्जी अकाउंट था। 

बता दें कि हाल ही में यह दूसरा मौका है जब विश्व के किसी प्रमुख नेता के अकाउंट पर रोक लगाए जाने की खबर आई है। इससे पहले अमेरिका के कैपिटल हिल में हुई हिंसा के बाद पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के अकाउंट पर रोक लगाई गई थी। 

बता दें कि खमैनी का ट्विटर अकाउंट पहले भी चर्चा में रहा है, जब कुछ ईरानी कार्यकर्ताओं ने उनके सोशल मीडिया अकाउंट पर प्रतिबंध लगाने की मांग उठाई थी। दरअसल, साल 2019 में ईंधन की बढ़ती कीमतों और अन्य मुद्दों को लेकर सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन हो रहे थे। जिसके बाद सरकार ने इन विरोध प्रदर्शनों को आगे नहीं बढ़ने देने के लिए इंटरनेट पर रोक लगा दी थी।

वहीं, अमेरिका के रिपब्लिकन सीनेटरों के एक समूह ने ट्विटर से खमैनी और ईरान के विदेश मंत्री मोहम्मद जवाद जारिफ का अकाउंट बंद करने का अनुरोध भी किया था। बता दें कि ईरान के चीन से साथ बढ़ते संबंधों को लेकर भी अमेरिका का ईरान के प्रति रुख बिगड़ा हुआ है।

 

सोशल मीडिया प्लेटफार्म ट्विटर और ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खमैनी से जुड़ी एक खबर ने शुक्रवार को सबको चौंका दिया। खबर थी कि ट्विटर ने खमैनी के अकाउंट को निलंबित कर दिया है। हालांकि अब इस मामले में ट्विटर ने स्थिति साफ कर दी है। ट्विटर ने जानकारी दी है कि जिस अकाउंट पर रोक लगाई गई है, वह दरअसल खमैनी के नाम पर बनाया गया फर्जी अकाउंट था। 

बता दें कि हाल ही में यह दूसरा मौका है जब विश्व के किसी प्रमुख नेता के अकाउंट पर रोक लगाए जाने की खबर आई है। इससे पहले अमेरिका के कैपिटल हिल में हुई हिंसा के बाद पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के अकाउंट पर रोक लगाई गई थी। 

बता दें कि खमैनी का ट्विटर अकाउंट पहले भी चर्चा में रहा है, जब कुछ ईरानी कार्यकर्ताओं ने उनके सोशल मीडिया अकाउंट पर प्रतिबंध लगाने की मांग उठाई थी। दरअसल, साल 2019 में ईंधन की बढ़ती कीमतों और अन्य मुद्दों को लेकर सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन हो रहे थे। जिसके बाद सरकार ने इन विरोध प्रदर्शनों को आगे नहीं बढ़ने देने के लिए इंटरनेट पर रोक लगा दी थी।

वहीं, अमेरिका के रिपब्लिकन सीनेटरों के एक समूह ने ट्विटर से खमैनी और ईरान के विदेश मंत्री मोहम्मद जवाद जारिफ का अकाउंट बंद करने का अनुरोध भी किया था। बता दें कि ईरान के चीन से साथ बढ़ते संबंधों को लेकर भी अमेरिका का ईरान के प्रति रुख बिगड़ा हुआ है।

 



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