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आयकर विभाग का हैदराबाद और असम में 29 जगहों पर छापा, करोड़ों की नकदी और दस्तावेज जब्त

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Tue, 12 Jan 2021 10:00 PM IST

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आयकर विभाग ने आठ जनवरी को असम के गुवाहाटी, नालबारी और डिब्रूगढ़ में 29 स्थानों पर छापेमारी की थी। वित्त मंत्रालय ने मंगलवार को इसकी जानकारी दी। मंत्रालय ने बताया कि यह छापे राज्य के चिकित्सकों/चिकित्सा विशेषज्ञों द्वारा उनके अस्पतालों या नर्सिंग होम से होने वाली आय में गड़बड़ी के मामले में की गई थी।   

वित्त मंत्रालय ने बताया कि इस दौरान चिकित्सा विशेषज्ञों के विभिन्न परिसरों से करीब 7.54 करोड़ रुपये की नकदी जब्त की गई। इसमें विभाग ने अकेले नालबारी कस्बे से 1.76 करोड़ की नकदी जब्त की। मंत्रालय ने बताया कि विभिन्न अस्पताल और चिकित्सक जब्त की गई नकदी के बारे में कोई स्पष्टीकरण नहीं दे पाए।

मंत्रालय ने बताया कि नकद भुगतान कर खरीदी गईं जमीन या अचल संपत्तियों के दस्तावेज भी जब्त कर लिए गए।  लगभग 20 करोड़ रुपये की नकदी में अचल संपत्ति में किए गए निवेश के हस्तलिखित नोट भी जब्त किए गए। सभी बिना स्पष्टीकरण के निवेशों, प्राप्ति की रसीदों और व्यय मिलाकर 100 करोड़ से अधिक है।

सात जनवरी को हैदराबाद में की थी खोजबीन
इससे पहले सात जनवरी को आयकर विभाग ने हैदराबाद के 19 स्थानों पर खोजबीन की थी। विभाग ने यह कार्रवाई फर्जी सब कॉन्ट्रैक्टरों या कंपनियों का इस्तेमाल कर आयकर की चोरी की जांच में सामने आई जानकारी के आधार पर की थी। इसमें फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट उपलब्ध कराने वाली कंपनियों का मामला भी है।

वित्त मंत्रालय ने बताया कि विभाग ने यह कार्रवाई तेलंगाना में काम करने वाले एक नामी सिविल कॉन्ट्रैक्टर को लेकर हैदराबाद में 19 स्थानों पर की थी। 160 करोड़ रुपये से अधिक की आवास प्रविष्टियों के सबूत पाए गए हैं और उन्हें जब्त कर लिया गया है। आकलन करने वाली कंपनी ने भी अपने बयान में ये स्वीकार किया है।

आयकर विभाग ने आठ जनवरी को असम के गुवाहाटी, नालबारी और डिब्रूगढ़ में 29 स्थानों पर छापेमारी की थी। वित्त मंत्रालय ने मंगलवार को इसकी जानकारी दी। मंत्रालय ने बताया कि यह छापे राज्य के चिकित्सकों/चिकित्सा विशेषज्ञों द्वारा उनके अस्पतालों या नर्सिंग होम से होने वाली आय में गड़बड़ी के मामले में की गई थी।   

वित्त मंत्रालय ने बताया कि इस दौरान चिकित्सा विशेषज्ञों के विभिन्न परिसरों से करीब 7.54 करोड़ रुपये की नकदी जब्त की गई। इसमें विभाग ने अकेले नालबारी कस्बे से 1.76 करोड़ की नकदी जब्त की। मंत्रालय ने बताया कि विभिन्न अस्पताल और चिकित्सक जब्त की गई नकदी के बारे में कोई स्पष्टीकरण नहीं दे पाए।

मंत्रालय ने बताया कि नकद भुगतान कर खरीदी गईं जमीन या अचल संपत्तियों के दस्तावेज भी जब्त कर लिए गए।  लगभग 20 करोड़ रुपये की नकदी में अचल संपत्ति में किए गए निवेश के हस्तलिखित नोट भी जब्त किए गए। सभी बिना स्पष्टीकरण के निवेशों, प्राप्ति की रसीदों और व्यय मिलाकर 100 करोड़ से अधिक है।

सात जनवरी को हैदराबाद में की थी खोजबीन

इससे पहले सात जनवरी को आयकर विभाग ने हैदराबाद के 19 स्थानों पर खोजबीन की थी। विभाग ने यह कार्रवाई फर्जी सब कॉन्ट्रैक्टरों या कंपनियों का इस्तेमाल कर आयकर की चोरी की जांच में सामने आई जानकारी के आधार पर की थी। इसमें फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट उपलब्ध कराने वाली कंपनियों का मामला भी है।

वित्त मंत्रालय ने बताया कि विभाग ने यह कार्रवाई तेलंगाना में काम करने वाले एक नामी सिविल कॉन्ट्रैक्टर को लेकर हैदराबाद में 19 स्थानों पर की थी। 160 करोड़ रुपये से अधिक की आवास प्रविष्टियों के सबूत पाए गए हैं और उन्हें जब्त कर लिया गया है। आकलन करने वाली कंपनी ने भी अपने बयान में ये स्वीकार किया है।


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