Uttar Pradesh

आम आदमी पार्टी यूपी में शुरू करेगी सेल्फी विद सरकारी स्कूल अभियान

अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Updated Fri, 01 Jan 2021 11:40 PM IST

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प्रयागराज। उत्तर प्रदेश के विधान सभा चुनाव को देखते हुए आम आदमी पार्टी ने अपनी जोर आजमाइश शुरू कर दी है। शुक्रवार को नए वर्ष के पहले दिन ही सेल्फी विद सरकारी स्कूल अभियान शुरू किया है। इस अभियान के तहत प्रदेश के सभी जिलों में कार्यकर्ता सरकारी स्कूलों में जाकर सरकारी स्कूलों के साथ सेल्फी लें रहे और उसकी हालत दिखा रहे हैं।उक्त बातें आमआदमी पार्टी के जिला प्रभारी विवेक सिंह ने कही। वह सिविल लाइंस में पत्रकार वार्ता में बोल रहे थे।

पार्टी के जिलाध्यक्ष डॉ. अल्ताफ अहमद ने कहा कि अभियान के तहत चकदोंदी नैनी स्थित पूर्व माध्यमकि विद्यालय का दौरा किया गया। वहां के हालात चिंताजनक है। जिलाध्यक्ष ने स्कूल के फोटाग्राफ भी दिखाए। कहा, स्कूल का भवन जर्जर है, साफ-सफाई की कमी है। स्कूल के शिक्षकों को कोविड की ड्यूटी में लगा दी गई है।  शिक्षक घर-घर जाकर वैक्सीनेशन के लिए लोगों का ब्यौरा जुटा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि यह यूपी का एजूकेशन मॉडल है। जिसमें पढ़ाई छोड़ दूसरे काम किए जा रहे हैं। जबकि, दिल्ली मॉडल आज दुनिया भर के लिए प्रतीक बन चुका है। यूपी सरकार दिल्ली मॉडल से अपनी तुलना कर रही है और स्कूलों की हालत सुधारने की बजाय झूठे प्रचार-प्रसार कर रही है। इस मौके पर जिला महासचिव सर्वेश यादव ने भी अपनी बात रखी।

प्रयागराज। उत्तर प्रदेश के विधान सभा चुनाव को देखते हुए आम आदमी पार्टी ने अपनी जोर आजमाइश शुरू कर दी है। शुक्रवार को नए वर्ष के पहले दिन ही सेल्फी विद सरकारी स्कूल अभियान शुरू किया है। इस अभियान के तहत प्रदेश के सभी जिलों में कार्यकर्ता सरकारी स्कूलों में जाकर सरकारी स्कूलों के साथ सेल्फी लें रहे और उसकी हालत दिखा रहे हैं।उक्त बातें आमआदमी पार्टी के जिला प्रभारी विवेक सिंह ने कही। वह सिविल लाइंस में पत्रकार वार्ता में बोल रहे थे।

पार्टी के जिलाध्यक्ष डॉ. अल्ताफ अहमद ने कहा कि अभियान के तहत चकदोंदी नैनी स्थित पूर्व माध्यमकि विद्यालय का दौरा किया गया। वहां के हालात चिंताजनक है। जिलाध्यक्ष ने स्कूल के फोटाग्राफ भी दिखाए। कहा, स्कूल का भवन जर्जर है, साफ-सफाई की कमी है। स्कूल के शिक्षकों को कोविड की ड्यूटी में लगा दी गई है।  शिक्षक घर-घर जाकर वैक्सीनेशन के लिए लोगों का ब्यौरा जुटा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि यह यूपी का एजूकेशन मॉडल है। जिसमें पढ़ाई छोड़ दूसरे काम किए जा रहे हैं। जबकि, दिल्ली मॉडल आज दुनिया भर के लिए प्रतीक बन चुका है। यूपी सरकार दिल्ली मॉडल से अपनी तुलना कर रही है और स्कूलों की हालत सुधारने की बजाय झूठे प्रचार-प्रसार कर रही है। इस मौके पर जिला महासचिव सर्वेश यादव ने भी अपनी बात रखी।


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