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अमेरिकी सीनेट में फैसला: ट्रंप पर महाभियोग चलाना असांविधानिक नहीं, दोषी ठहराए जाने की उम्मीद कम

पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप
– फोटो : पीटीआई

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अमेरिकी सीनेट (उच्च सदन) में इस बात पर फैसला हो गया है कि पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर महाभियोग चलाना असांविधानिक नहीं है। भारतीय समयानुसार मंगलवार को देर रात हुई चार घंटे की बहस के बाद सीनेट के सदस्यों ने मतदान प्रक्रिया में भाग लेकर 56-44 के बहुमत से निर्णय लिया कि यह महाभियोग सांविधानिक है।

सिर्फ छह रिपब्लिकन ही ट्रंप के खिलाफ, दोषी ठहराने की उम्मीद कम
हालांकि इस सुनवाई में ट्रंप के दोषी ठहराने की उम्मीद बहुत कम ही है। बता दें कि बचाव पक्ष ने कहा था कि ट्रंप चूंकि अब पद पर नहीं हैं इसलिए उन पर महाभियोग की कार्यवाही असांविधानिक है। सीनेट के सदस्यों ने महाभियोग के सांविधानिक होने के समर्थन में विश्व के अलग-अलग देशों के संविधान, अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपतियों के साथ अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के जजों के बयानों का हवाला दिया।

ट्रंप के वकील ब्रूस कास्टर ने कहा कि 6 जनवरी को संसद भवन में जो भी हुआ खतरनाक था, लेकिन इससे यह साबित नहीं होता कि ट्रंप उसके पीछे जिम्मेदार हैं। हालांकि इस कार्यवाही में डेमोक्रेटिक सांसद ट्रंप को दोषी नहीं ठहरा पाएंगे क्योंकि सिर्फ छह रिपब्लिकन सीनेटरों ने ही सदन में ट्रंप के खिलाफ मतदान किया। जबकि पूर्व राष्ट्रपति को दोषी ठहराने के लिए डेमोक्रेटों को कम से कम 17 रिपब्लिकन सीनेटरों का साथ चाहिए। इसकी संभावना बेहद कम दिखाई देती है।

अब होगी महाभियोग पर बहस
अब डोनाल्ड ट्रंप के बचाव पक्ष और महाभियोग के समर्थक तथा विरोधियों के पास 16-16 घंटे का वक्त अपनी बात रखने के लिए होगा। दोनों पक्षों की दलील के बाद अमेरिकी सीनेट में फिर से मतदान प्रक्रिया चलेगी, जिसमें तय किया जाएगा कि डोनाल्ड ट्रंप दोषी हैं या नहीं हैं।

यदि सीनेट में प्रस्ताव पारित हो जाता है तो सिविल कोर्ट में ट्रंप के खिलाफ कैपिटल हिल पर दंगा भड़काने का मुकदमा चलाया जाएगा और उन्हें जेल भी भेजा जा सकता है। इनके साथ ही ट्रंप फिर कभी किसी भी पद के लिए चुनाव लड़ने से भी अयोग्य घोषित कर दिए जाएंगे।

भारत के गवर्नर जनरल रहे वारेन हेस्टिंग्स का भी जिक्र
अमेरिकी सीनेट में ट्रंप के खिलाफ महाभियोग ट्रायल के दौरान बंगाल के 18वीं शताब्दी के ब्रिटिश गवर्नर-जनरल वारेन हेस्टिंग्स का भी जिक्र किया गया। यह जिक्र अभियोजन पक्ष के ब्रिटिश हाउस ऑफ कॉमंस द्वारा उनके खिलाफ महाभियोग का हवाला देने पर किया गया।

मुख्य अभियोजक और प्रतिनिधि सभा के डेमोक्रेट सांसद जेमी रस्किन ने हेस्टिंग्स के खिलाफ महाभियोग ट्रायल की मिसाल पेश की, जो हेस्टिंग्स के पद खत्म होने और इंग्लैंड लौटने के लगभग चार साल बाद 233 साल पहले इसी महीने उनके खिलाफ शुरू हुआ था। डेमोक्रेट नेता नेग्यूज ने भी हैेस्टिंग्स के महाभियोग का जिक्र किया।

अमेरिकी सीनेट (उच्च सदन) में इस बात पर फैसला हो गया है कि पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर महाभियोग चलाना असांविधानिक नहीं है। भारतीय समयानुसार मंगलवार को देर रात हुई चार घंटे की बहस के बाद सीनेट के सदस्यों ने मतदान प्रक्रिया में भाग लेकर 56-44 के बहुमत से निर्णय लिया कि यह महाभियोग सांविधानिक है।

सिर्फ छह रिपब्लिकन ही ट्रंप के खिलाफ, दोषी ठहराने की उम्मीद कम

हालांकि इस सुनवाई में ट्रंप के दोषी ठहराने की उम्मीद बहुत कम ही है। बता दें कि बचाव पक्ष ने कहा था कि ट्रंप चूंकि अब पद पर नहीं हैं इसलिए उन पर महाभियोग की कार्यवाही असांविधानिक है। सीनेट के सदस्यों ने महाभियोग के सांविधानिक होने के समर्थन में विश्व के अलग-अलग देशों के संविधान, अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपतियों के साथ अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के जजों के बयानों का हवाला दिया।

ट्रंप के वकील ब्रूस कास्टर ने कहा कि 6 जनवरी को संसद भवन में जो भी हुआ खतरनाक था, लेकिन इससे यह साबित नहीं होता कि ट्रंप उसके पीछे जिम्मेदार हैं। हालांकि इस कार्यवाही में डेमोक्रेटिक सांसद ट्रंप को दोषी नहीं ठहरा पाएंगे क्योंकि सिर्फ छह रिपब्लिकन सीनेटरों ने ही सदन में ट्रंप के खिलाफ मतदान किया। जबकि पूर्व राष्ट्रपति को दोषी ठहराने के लिए डेमोक्रेटों को कम से कम 17 रिपब्लिकन सीनेटरों का साथ चाहिए। इसकी संभावना बेहद कम दिखाई देती है।

अब होगी महाभियोग पर बहस

अब डोनाल्ड ट्रंप के बचाव पक्ष और महाभियोग के समर्थक तथा विरोधियों के पास 16-16 घंटे का वक्त अपनी बात रखने के लिए होगा। दोनों पक्षों की दलील के बाद अमेरिकी सीनेट में फिर से मतदान प्रक्रिया चलेगी, जिसमें तय किया जाएगा कि डोनाल्ड ट्रंप दोषी हैं या नहीं हैं।

यदि सीनेट में प्रस्ताव पारित हो जाता है तो सिविल कोर्ट में ट्रंप के खिलाफ कैपिटल हिल पर दंगा भड़काने का मुकदमा चलाया जाएगा और उन्हें जेल भी भेजा जा सकता है। इनके साथ ही ट्रंप फिर कभी किसी भी पद के लिए चुनाव लड़ने से भी अयोग्य घोषित कर दिए जाएंगे।

भारत के गवर्नर जनरल रहे वारेन हेस्टिंग्स का भी जिक्र

अमेरिकी सीनेट में ट्रंप के खिलाफ महाभियोग ट्रायल के दौरान बंगाल के 18वीं शताब्दी के ब्रिटिश गवर्नर-जनरल वारेन हेस्टिंग्स का भी जिक्र किया गया। यह जिक्र अभियोजन पक्ष के ब्रिटिश हाउस ऑफ कॉमंस द्वारा उनके खिलाफ महाभियोग का हवाला देने पर किया गया।

मुख्य अभियोजक और प्रतिनिधि सभा के डेमोक्रेट सांसद जेमी रस्किन ने हेस्टिंग्स के खिलाफ महाभियोग ट्रायल की मिसाल पेश की, जो हेस्टिंग्स के पद खत्म होने और इंग्लैंड लौटने के लगभग चार साल बाद 233 साल पहले इसी महीने उनके खिलाफ शुरू हुआ था। डेमोक्रेट नेता नेग्यूज ने भी हैेस्टिंग्स के महाभियोग का जिक्र किया।

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