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अब आयकर को ऑनलाइन कर सकेंगे काले धन की शिकायत,  मिलेगा पांच करोड़ तक का इनाम

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कालेधन और टैक्स चोरी के खिलाफ सरकार ने एक मुहिम शुरू की है। अब आयकर विभाग को किसी कंपनी या आदमी की अघोषित विदेशी संपत्तियों या बेनामी संपत्ति या किसी अन्य तरीके से की जा रही कर चोरी की शिकायत ऑनलाइन भी की जा सकेगी। सीबीडीटी ने मंगलवार को बताया कि इस तरह की शिकायत करने के लिए आयकर विभाग ने एक ऑनलाइन विंडो शुरू की है।

इसके जरिये कालेधन के खिलाफ आप सूचना देकर पांच करोड़ रुपये तक इनाम पा सकते हैं। आयकर विभाग ने भरोसा दिया  है कि ब्लैक मनी की जानकारी देने वाले का नाम गोपनीय रखा जाएगा। आयकर विभाग के मुताबिक कोई भी व्यक्ति ब्लैक मनी से जुड़ी जानकारी दे सकता है।

आयकर विभाग के लिए नीति निर्धारित करने वाले केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड के मुताबिक, विभाग के ई-फाइलिंग पोर्टल डब्ल्यूडब्ल्यूडब्ल्यू. इन्कमटैक्सइंडियाईफाइलिं. जीओवी. इन पर सोमवार से यह विंडो ‘सबमिट टैक्स इवेजन पिटीशन ऑर बेनामी प्रॉपर्टी होल्डिंग’ नाम से सक्रिय कर दी गई है।

शिकायतकर्ता को नहीं देना होगा पैन-आधार नंबर 
केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने बताया कि इस विंडो के जरिये पेन कार्ड या आधार कार्ड धारक के साथ-साथ वे लोग भी शिकायत कर सकते हैं, जिनके पास पैन कार्ड या आधार कार्ड नहीं है। सीबीडीटी के अनुसार, शिकायतकर्ता को पहले अपने मोबाइल या ईमेल पर ओटीपी के जरिये अपना सत्यापन कराना होगा, इसके बाद वह अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।

इसके लिए शिकायतकर्ता को सामने खुलने वाले आयकर कानून 1961 के उल्लंघन, काला धन (अघोषित विदेशी संपत्ति और आय) कर अधिनियम, 1961 का अधिरोपण और बेनामी लेनदेन निवारण अधिनियम के तीन अलग-अलग फार्म में से अपनी शिकायत से जुड़ा फार्म भरना होगा। शिकायत दर्ज होने पर विभाग हर शिकायत के लिए एक यूनिक नंबर आवंटित करेगा, जिसके जरिये शिकायतकर्ता कभी भी अपनी शिकायत की स्थिति जांच सकेगा। 

एक से पांच करोड़ रुपये तक का मिलेगा इनाम
सीबीडीटी के अनुसार, इस विंडो के जरिये शिकायत करने वाला ‘इंफार्मर’ कहलाएगा और वह विभागीय नियमों के तहत काला धन या बेनामी संपत्ति बरामद होने पर इनाम का हकदार भी होगा। विभाग बेनामी संपत्ति की जानकारी देने वाले को एक करोड़ रुपये तक और विदेश में अघोषित संपत्ति या अन्य कर चोरी पकड़वाने पर पांच करोड़ रुपये तक का इनाम देता है। अभी तक ऐसी गोपनीय जानकारी देने के लिए शिकायतकर्ता को आयकर जांच शाखा कार्यालय आना पड़ता था। लेकिन अब वह ऑनलाइन ही जानकारी दे पाएगा।

कालेधन और टैक्स चोरी के खिलाफ सरकार ने एक मुहिम शुरू की है। अब आयकर विभाग को किसी कंपनी या आदमी की अघोषित विदेशी संपत्तियों या बेनामी संपत्ति या किसी अन्य तरीके से की जा रही कर चोरी की शिकायत ऑनलाइन भी की जा सकेगी। सीबीडीटी ने मंगलवार को बताया कि इस तरह की शिकायत करने के लिए आयकर विभाग ने एक ऑनलाइन विंडो शुरू की है।

इसके जरिये कालेधन के खिलाफ आप सूचना देकर पांच करोड़ रुपये तक इनाम पा सकते हैं। आयकर विभाग ने भरोसा दिया  है कि ब्लैक मनी की जानकारी देने वाले का नाम गोपनीय रखा जाएगा। आयकर विभाग के मुताबिक कोई भी व्यक्ति ब्लैक मनी से जुड़ी जानकारी दे सकता है।

आयकर विभाग के लिए नीति निर्धारित करने वाले केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड के मुताबिक, विभाग के ई-फाइलिंग पोर्टल डब्ल्यूडब्ल्यूडब्ल्यू. इन्कमटैक्सइंडियाईफाइलिं. जीओवी. इन पर सोमवार से यह विंडो ‘सबमिट टैक्स इवेजन पिटीशन ऑर बेनामी प्रॉपर्टी होल्डिंग’ नाम से सक्रिय कर दी गई है।

शिकायतकर्ता को नहीं देना होगा पैन-आधार नंबर 

केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने बताया कि इस विंडो के जरिये पेन कार्ड या आधार कार्ड धारक के साथ-साथ वे लोग भी शिकायत कर सकते हैं, जिनके पास पैन कार्ड या आधार कार्ड नहीं है। सीबीडीटी के अनुसार, शिकायतकर्ता को पहले अपने मोबाइल या ईमेल पर ओटीपी के जरिये अपना सत्यापन कराना होगा, इसके बाद वह अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।

इसके लिए शिकायतकर्ता को सामने खुलने वाले आयकर कानून 1961 के उल्लंघन, काला धन (अघोषित विदेशी संपत्ति और आय) कर अधिनियम, 1961 का अधिरोपण और बेनामी लेनदेन निवारण अधिनियम के तीन अलग-अलग फार्म में से अपनी शिकायत से जुड़ा फार्म भरना होगा। शिकायत दर्ज होने पर विभाग हर शिकायत के लिए एक यूनिक नंबर आवंटित करेगा, जिसके जरिये शिकायतकर्ता कभी भी अपनी शिकायत की स्थिति जांच सकेगा। 

एक से पांच करोड़ रुपये तक का मिलेगा इनाम

सीबीडीटी के अनुसार, इस विंडो के जरिये शिकायत करने वाला ‘इंफार्मर’ कहलाएगा और वह विभागीय नियमों के तहत काला धन या बेनामी संपत्ति बरामद होने पर इनाम का हकदार भी होगा। विभाग बेनामी संपत्ति की जानकारी देने वाले को एक करोड़ रुपये तक और विदेश में अघोषित संपत्ति या अन्य कर चोरी पकड़वाने पर पांच करोड़ रुपये तक का इनाम देता है। अभी तक ऐसी गोपनीय जानकारी देने के लिए शिकायतकर्ता को आयकर जांच शाखा कार्यालय आना पड़ता था। लेकिन अब वह ऑनलाइन ही जानकारी दे पाएगा।


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